अपने लक्ष्य से पिछड़े 49 जिले उपकर का लक्ष्य सौ करोड़ घटाने पर भी फिसड्डी रहे

भोपाल।प्रदेश में निर्माण कार्यों की लागत का एक प्रतिशत के बराबर उपकर वसूलकर मप्र श्रम भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में जमा कराया जाता है। वर्ष 2020-21 में इसकी वसूली का लक्ष्य 401 करोड़ रुपये रखा गया था परन्तु कोरोना संक्रमण से लगे लॉकडाऊन के कारण लक्ष्य में सौ करोड़ रुपयों की कमी कर दी गई, परन्तु इसके बावजूद 52 में से 49 जिले अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में पिछड़ गये हैं।
लक्ष्य के अनुरुप प्रथम तिमाही में दस प्रतिशत, द्वितीय तिमाही में 40 प्रतिशत, तृतीय तिमाही में 70 प्रतिशत तथा चतुर्थ तिमाही में सौ प्रतिशत वसमली का लक्ष्य रखा गया था। परन्तु 30 नवम्बर 2020 तक 300 करोड़ रुपये में से मात्र 933 करोड़ रुपये ही वसूल किये जा सके हैं। इस पर राज्य के श्रमायुक्त ने सभी श्रम अधिकारियों एवं निरीक्षकों को कड़ी हिदायत दी है कि 31 मार्च 2021 तक उपकर की शतप्रतिशत वसूली करें अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरुध्द अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
उपकर की वसूली की यह है स्थिति :
एक, नवम्बर 2020 तक तीन जिलों राजगढ़, खण्डवा एवं खरगौन द्वारा ही लक्ष्य की पूर्ति की गई है।
दो, डिण्डौरी, टीकमगढ़, निवाड़ी, कटनी, अलीराजपुर, शहडोल, श्योपुर, आगर मालवा एवं अशोकनगर जिलों द्वारा न के बराबर अर्थात शून्य से दस प्रतिशत
तक वसूली की है, जोकि घोर आपत्तिजनक है।
तीन, झाबुआ, बड़वानी, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, उज्जैन,  शाजापुर, रीवा, सीधी, अनूपपुर एवं होशंगाबाद जिलों द्वारा दस से 20 प्रतिशत तक ही वसूली की है जोकि कार्य के प्रति उदासीनता का परिचायक है।
चार, शेष जिलों इंदौर, बुरहानपुर, भोपाल, रायसेन, छिन्दवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, शिवपुरी, भिण्ड, देवास, नीमच, रतलाम, मंदसौर, सतना, सिंगरौली, उमरिया एवं हरदा द्वारा भी लक्ष्य प्राप्ति के लिये कोई विशेष प्रयास नहीं किये गये हैं।
पांच, सीहोर, बैतूल एवं नरसिंहपुर जिलों द्वारा ही तृतीय तिमाही तक निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने का प्रयास किया गया परन्तु ये भी वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाये हैं।

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