रुइया ग्रुप के चेयरमैन पवन रुइया ने एयर इंडिया पर लगाया दांव, EOI सौंपा

नई दिल्ली. कोलकाता स्थित कारोबारी और रुइया ग्रुप के चेयरमैन पवन रुइया (Pawan Ruia) ने सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया (Air India) में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अभिरुचि पत्र यानी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (Expressions of Interest) सौंपा है. दरअसल, एयर इंडिया के लिए कई ईओआई (EOI) के बीच सरकार ने पवन रुइया से एक आश्चर्यजनक बोली प्राप्त की है.

टाटा ग्रुप और एयर इंडिया के कर्मचारी संगठन अन्य कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने एयर इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है.

'टर्नअराउंड टाइकून' के तौर पर प्रसिद्ध हैं पवन रुइया
कोलकाता के बिजनेस सर्किल में चर्चित रुइया ने जेसॉप ऐंड कंपनी, डनलप इंडिया और फाल्कन टायर्स जैसी वित्तीय दबाव वाली कंपनियों के सफल अधिग्रहण के बाद 'टर्नअराउंड टाइकून' के तौर पर ख्याति हासिल की थी. हालांकि वह इन कंपनियों का कायाकल्प करने में विफल रहे. ये कंपनियां को मौजूदा समय में लिक्विडेशन से जूझ रही हैं.

सूत्रों के मुताबिक, रुइया ग्रुप की ईओआई कांति कमर्शियल्स प्राइवेट लिमिटेड के अधीन कंसोर्टियम के नेतृत्व में सौंपी गई थी. कांति कमर्शियल्स रुइया ग्रुप से संबंधित कंपनी है. हालांकि रुइया ने एयर इंडिया में अपनी दिलचस्पी के बारे में जवाब देने से इनकार कर दिया.

एयर इंडिया पर 67 हजार करोड़ का कर्ज
सरकार ने इस एयर इंडिया में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. इसके साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में भी एयर इंडिया की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी को बेचा जाएगा. एयर इंडिया एसएटीएस एयरपार्ट सविर्सिज प्रा लिमिटेड में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी. मौजूदा वक्त एयर इंडिया पर 60,074 करोड़ रूपये का कर्ज है, लेकिन अधिग्रहण के बाद खरीदार को 23,286.5 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे. जबकि शेष कर्ज को विशेष उद्देश्य के लिए बनाए गए एयर इंडिया एसेट होल्डिंग्स लिमिटेड को ट्रांसफर कर दिया जाएगा, यानी बाकी का कर्ज खुद सरकार उठाएगी.

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