मौसम ने ली करवट, बारिश के साथ गिरे ओले

 भोपाल । प्रदेश में मंगलवार सुबह मौसम ने फिर करवट बदली। अचानक आसमान में बादलों के डेरा डालने के साथ ही कई ‎जिलों में गरज-चमक के साथ ओले गिरे। इस बेमौमस बरसात ने ‎किसानों के माथे पर ‎चिंता की लकीरें खींच दी है।प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में कई जगह बारिश के साथ ओले भी गिरे। मौसम में अचानक आई इस तब्दीली से किसानों में चिंता देखने को मिली। जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर नर्मदा के बरमान खुर्द, बरमान कला, नरवारा आदि गांवों में बारिश की तेज फुहार के बीच ओले भी गिरे हैं। सुबह करीब 7.30 बजे घरों की छतों-टीन, टप्पर पर पत्थर फिंकने जैसी आवाजें सुनकर बाहर आए लोगों को ओले गिरने की जानकारी हुई। इसी तरह जिला मुख्यालय समेत बाकी सभी तहसीलों में भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। रिमझिम बारिश हो रही है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से किसानों चिंताग्रस्त हो गए हैं। गौरतलब है कि खेतों में इस दिनों गेहूं, चना, मसूर की फसलें पककर कटने को तैयार हैं। किसानों के अनुसार यदि बारिश-ओले जैसी स्थिति निर्मित होती है तो फसलें बर्बाद होने में समय नहीं लगेगा। हालांकि मंगलवार हो गिरे ओलों से नुकसान की खबर नहीं मिली है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम के बदले रुख पर वे नजर रखे हुए हैं।उधर सागर ‎जिले में भी गरज-चमक के साथ बरसात होने और ओले ‎गिरे हैं। मंगलवार को सुबह मौसम बदलने के साथ हुई बूंदाबांदी ने जिलेभर के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं देवरी ब्लॉक के महाराजपुर व केसली ब्लाक में ओलावृष्टि हुई। केसली में जहां चना के आकार के ओले गिरे वहीं महाराजपुर में बेर के आकार के ओले करीब दस मिनट तक गिरे। इससे पककर खड़ी फसलों को नुकसान है। ओले गिरने से चना, मसूर की घेंटी व गेहूं की बालियां झड़ने के समाचार हैं। वहीं ओलावृष्टि से लहसुन व प्याज के कंद को नुकसान है। किसानों का कहना है कि महाराजपुर में सुबह छह बजे करीब दस मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलों से दहलनी फसलों के अलावा गेहूं व सब्जी को भी नुकसान हुआ है। रहली ब्लॉक में सुबह पांच बजे से तेज बारिश की खबर है। यहां पककर खड़ी फसल को क्षति पहुंची है। कई किसानों के पहले बोई गई फसल पककर खड़ी है। कुछ की कट चुकी है जो खलियान में रखी है। इन फसलों को नुकसान हुआ है। राहतगढ़, जैसीनगर ब्लॉक में केवल बारिश हुई है। यहां नुकसान की आशंका बहुत कम है, बारिश से केवल फसल भींगी है जो धूप खिलते ही सूख जाएगी।

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