खतरे में नौनिहालों की जिंदगी, नक्सलियों ने पश्चिमी सिंहभूमि जिले की स्कूलों में लगाया बम

रांची. झारखंड (Jharkhand) के स्कूल (School) नक्सलियों के निशाने पर हैं और प्रदेश के नौनिहालों की जिंदगी खतरे में है. इसका खुलासा होते ही प्रदेश के पुलिस महकमें (Police Department) में हड़कंप मच गया है. मामले के खुलासे के बाद प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में मौजूद स्कूलों को सेनिटाइज करने का निर्देश पुलिस मुख्यालय के द्वारा दिया गया है, ताकि नक्सलियों (Naxalites) के इस नापाक मंसूबों को नेस्तानाबूत किया जा सके.

झारखंड के सरकारी स्कूल में आईडी या बम लगे हैं. इसका खुलासा तब हुआ जब झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में गोईलकेरा थाना क्षेत्र के नरसंडा स्कूल भवन से 2 शक्तिशाली सिलिंडर बम बरामद किए गए. दोनों बम 19-19 किलो के थे, जिसके फटने से पूरा का पूरा स्कूल भवन ध्वस्त हो सकता था. इस विस्फोट के बाद शायद ही वहां कोई बच पाता. हालांकि नक्सलियों की इस साजिश की भनक झारखंड पुलिस को समय रहते लग गई और सिलिंडर बमों को डिफ्यूज कर दिया गया.
वहीं खुफिया रिपोर्ट की माने तो लॉकडाउन के दरम्यान नक्सलियों ने अपनी इस रणनीति पर काम किया था, सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने कई स्कूलों में आईडी लगाए हैं ताकी नक्सल अभियान के दौरान निकले सुरक्षाबलों को निशाना बनाया जा सके. मामले पर प्रदेश के डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा कि नक्सलियों के इन नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए ऐसे स्कूलों को सेनेटाइज करने का काम बीडीएस टीम के सहयोग से किया जाएगा. वहीं उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं.

बिजली गिरने से भी हो सकता है ब्लास्ट

झारखंड में स्कूलों को निशाना बनाने की नक्सलियों की प्रवृत्ति पहले से ही रही है, क्योंकि सुदूर इलाकों में नक्सल ऑपरेशन चलाने के दौरान पुलिस बल कई बार स्कूलों में ही आश्रय लेती है और इस दौरान वे नक्सलियों के टारगेट में आसानी से आ सकते हैं. लॉकडाउन के दौरान बंद स्कूल नक्सलियों के लिए सोने पर सुहागा जैसा रहा. झारखंड पुलिस के आईजी अभियान साकेत कुमार सिंह ने बताया कि नक्सलीयों ने रैंडम के आईडी लगाए हैं, जिसके शिकार कई ग्रामीण भी हुए हैं. वहीं स्कूलों में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए इस तरह के बम लगाए गए हैं. लेकिन, ये बम बिजली के कड़कने से भी ब्लास्ट कर सकते हैं. इससे कई निर्दोषों को नुकसान पहुंच सकता है. इस तरह के मामले पहले भी देखे गए हैं. लेकिन, लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर नक्सलियों ने स्कूलों में आईडी लगाई है, जो उनके गिरते आइडियोलॉजी को दर्शाता है.

स्कूलों की सुरक्षा भगवान भरोसे

झारखंड में स्कूलों कि सुरक्षा शुरू से ही सवालों के घेरे में है. अगर स्कूल सुदर इलाकों में हैं तो ऐसे स्कूल कितने सुरक्षित होंगे ये शायद बताने की जरूरत नहीं. स्कूल शिक्षिका किरण कुमारी भी बताती है कि स्कूल में कोई गार्ड नहीं होता और शिक्षकों के जाने के बाद स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहती है. इस दौरान इसका फायदा कोई भी उठा सकता है.
 

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