मंदिरों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

भोपाल । महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर शहर के मंदिरों में आज तडके से ही श्रदधालुओं की भीड उमड रही थी। मंदिरों में भक्तों द्वारा शिव-पार्वती का अभिषेक किया गया। पूरे दिन शिवालयों में बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। प्राचीन मंदिर श्री बड़वाले महादेव, बाबा मुक्तेश्वर, श्री सिद्धेश्वर, पशुपतिनाथ, गुफा मंदिर, शिव मंदिर शाहपुरा सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। राजधानी के सबसे प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर, दुर्गाधाम मंदिर अशोक विहार, छोला मंदिर, पिपलेश्वर मंदिर पुलपुख्ता, सिद्धेश्वर शिव मंदिर नेहरू नगर, दादाजी धाम मंदिर में भव्य शिव बारात निकली। शिव बारात निकलने का सिलसिला सुबह 11 बजे से शुरू हो गया था। भोले बाबा की बारात देखने के लिए दूर-दूर से लोग आए थे। इनमें सबसे खास है कायस्थपुरा के 200 साल से अधिक पुराने श्री बड़वाले महादेव मंदिर से निकलने वाली शिव बारात। यहां से सुबह 11 बजे चांदी के रथ पर नंदी पर सवार होकर श्री बाबा बटेश्वर गौरा को ब्याहने निकले। मंदिर समिति के संयोजक संजय अग्रवाल व प्रमोद नेमा ने बताया कि बाबा बटेश्वर की बारात सिंधी मार्केट, हनुमानगंज, मंगलवारा, इतवारा, चौक बाजार, लखेरापुरा से भ्रमण करते हुए रात नौ बजे भवानी मंदिर सोमवारा पहुंचेगी, जहां पर सभी बारातियों का स्वागत किया जाएगा। भक्तों को प्रकृति प्रेम व पर्यावरण संरक्षण का संदेश शिव बारात में पोस्टर के माध्यम से दिया जाएगा। दूल्हा बने बटेश्वर महाराज आकर्षक का केंद्र रहेंगे। मां चामुंडा दरबार धार्मिक एवं परमार्थ ट्रस्ट के पंडित रामजीवन दुबे और ज्योतिषाचार्य विनोद रावत ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शिवयोग, सिद्धियोग और घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग आने से इस महाशिवरात्रि पर्व का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। यह महासंयोग 101 साल बाद बना है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह इसी दिन हुआ था। गुफा मंदिर के महंत चंद्रमादास त्यागी की उपस्थिति में पर्व मनाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। बुधवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। गुस्र्वार को गुफा मंदिर परिसर में मेला लगा। शिवजी की पूजा-अर्चना की गई। नेपाली समाज के अध्यक्ष रामू शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर मंदिर का गर्भगृह आम लोगों के लिए खोला गया। दोपहर 12 बजे पशुपतिनाथ महाराज का रुद्राभिषेक शुरू किया गया। अशोका गार्डन क्षेत्र के मंदिर से भी भव्य शिव बारात निकाली गई।
