बाल अपराधियों के लिए बनेगा चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट रूम, ‎बिहार सरकार का फैसला

पटना । बिहार सरकार ने बाल अपराध और पॉक्सो एक्ट से जुड़े बच्चों के मामले के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार द्वारा राज्य में 11 जिलों में नए तरह का कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा, जो चाइल्ड फ्रेंडली होगा। साथ ही इस कोर्ट की रूपरेखा ऐसी बनाई जाएगी, जहां बच्चे गवाही के लिए पहुंचकर डरे नहीं। साथ ही नए कोर्ट में बच्चे पारिवारिक और अपना जैसा माहौल अनुभव कर सके इसकी शुरुआत की जा रही है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब बाल अपराध में शामिल नाबालिग बच्चों के कोर्ट को स्कूल जैसा तैयार किया जाएगा। इस कोर्ट रूम में बच्चो की किताबें, खिलौने रखे जाएंगे और कोर्ट की दीवारों पर बच्चों को आकर्षित करने वाली पेंटिंग की जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि ऐसा करने के पीछे सरकार की कोशिश है कि बच्चों को डर ना लगे। उन्हें यह महसूस नहीं हो कि वह कोर्ट में खड़े हैं। चाइल्ड फ्रेंडली माहौल रहने पर बच्चे बिना डरे मजबूती से गवाही दे सकेंगे, जो भी बच्चे गवाही देने जाएंगे उनकी पहले काउंसिलिंग की जाएगी। यह जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने भी कहा कि यह कोशिश बिहार में बाल अपराधों को रोकने में मदद पहुंचाएगी। बच्चों को चाइल्ड फ्रेंडली माहौल देने के लिए सरकार ने 11 जिलों को 20-20 लाख रुपये मुहैया कराए हैं। इन ‎जिलों में पटना, नालन्दा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गया, कटिहार, रोहतास, पूर्णिया और मधुबनी शामिल हैं। इन कोर्ट में 12 साल तक के बच्चों की सुनवाई होगी।

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