तमिलनाडु के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही 3 साल की बेटी, मदद नहीं मिली तो लौट जाएगी बिहार

पटना. बिहार के सहरसा (Saharsa) की रहने वाली 8 साल की बेटी सिम्मी झा को मदद की दरकार है. मंगलवार की सुबह से ही कई सामाजिक संगठनों को उसका मैसेज मिला है जिसमें सिम्मी झा ने सभी से मदद की गुहार की है ताकि वो 3 वर्षीय छोटी बहन की जान बचा सके. दरअसल सहरसा के रहनेवाले राजेश झा की 3 साल की बेटी सृष्टि झा थैलीसीमिया (Thalassemia patient) से पीड़ित है. बोन मैरो मैच करने के बाद परिजन उसे सीएमसी वेल्लोर तमिलनाडु इलाज कराने गए लेकिन अब हालत ये है कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार मी मदद के बाद भी पैसे कम हो गए और बोन मैरो ट्रांसप्लांट रुक गया.

जिंदगी और मौत से जूझ रही 3 वर्षीय छोटी बहन की हालत देखकर 8 वर्षीय सिम्मी झा ने सुबह से गुहार लगाना शुरू कर दिया और बिहार के कई सामाजिक संगठनों को मैसेज भेजकर आर्थिक मदद की मांग की है. सिम्मी ने मार्मिक अपील करते हुए लिखा है कि अंकल हम बिहार वापस आ रहे हैं क्योंकि बोन मेरो ट्रांसप्लांट के लिए पैसे नहीं हैं. सिम्मी अपनी छोटी बहन को हर 15 दिनों में ब्लड चढ़वा रही है और यह खुद बोन मेरो डोनेट करने गई है, जहां बिहार सरकार से ट्रांसप्लांट के लिए 5 लाख रुपये दिए गए हैं वहीं केंद्र सरकार की ओर से भी 3 लाख रुपये मिले हैं बावजूद 8 लाख के सहयोग के बाद भी पैसे घट गए.

उसके पिता राजेश झा भी टूट चुके हैं और कहते हैं कि बेटियों में मेरी जान बसती है लेकिन आज उस मोड़ पर खड़े हैं जहां चारों तरफ अंधेरा है क्योंकि अब यहां इलाज करा पाना सम्भव नहीं दिखता है. राजेश झा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि बिहार के मां वैष्णो देवी सेवा समिति की मदद से वेल्लोर तक तो पहुंच गए और उम्मीद भी थी कि ट्रांसप्लांट हो जाएगा लेकिन कोल इंडिया से मिलने वाला 10 लाख का फंड अब तक अस्पताल के खाते में नहीं पहुंचा है.

मां वैष्णो देवी सेवा समिति की ओर से 23 फरवरी को ही थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए कैम्प लगाया गया था जिसमें सृष्टि का बोन मैरो सिम्मी से मैच किया था लेकिन कोल इंडिया के फंड का अब भी इंतजार है. मां वैष्णो देवी सेवा समिति के मेम्बर मुकेश हिसारिया की मानें तो अपने स्तर से मैसेज मिलते ही वो पहल में जुट गए हैं और इनकी कोशिश है कि वहां से बिना ट्रांसप्लांट के बिहार की बेटी वापस नहीं लौटे लेकिन फिर भी 10 लाख की राशि जुटा पाना आसान नहीं दिख रहा.
 

Leave a Reply