लूट के बाद मदद मांगने पहुंचे दूध कारोबारी तो पुलिस ने भगा दिया था

फरीदाबाद। फरीदाबाद के दूध कारोबारी के साथ लूट के बाद हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि मौत से पहले वह पुलिस के पास मदद मांगने गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे हड़काकर भगा दिया। उस दौरान वह चोटिल भी था, फिर भी उसकी मदद नहीं की गई। पुलिस नाके से करीब 300 मीटर दूर पेड़ पर कारोबारी का शव लटका मिला। नाके से करीब 200 मीटर दूर उसकी बाइक मिली है। घटना के विरोध में परिवार व ग्रामीणों ने घटना स्थल के पास जाम भी लगाया। पुलिस ने लूट के बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस जांच कर रही है।फरीदपुर निवासी दूध कारोबारी सत्यप्रकाश सुबह 6 बजे दूध की सप्लाई करने गुड़गांव गए थे। लेकिन देर शाम तक नहीं लौटे। शाम 7 बजे सत्यप्रकाश के ड्राइवर सुमित के पास ग्राहक महेश सेठी का फोन आया। महेश ने बताया कि सत्यप्रकाश ने किसी राहगीर के मोबाइल से कॉल कर बताया था कि उसके साथ लूट हो गई है, उसका फोन, एटीएम कार्ड और पैसे किसी ने लूट लिए हैं। महेश सेठी को सत्यप्रकाश ने एटीएम कार्ड ब्लॉक कराने और घर के लोगों को सूचित करने के लिए कॉल किया था इसके बाद परिवार और गांव के लोगों ने उसकी तलाश पाली जोन रोड पर शुरू की। रात करीब 11:30 बजे उसका शव बेल्ट से कसा हुआ अनखीर की पहाड़ियों में लटका मिला। मृतक के पिता रंजीत ने बताया कि सत्यप्रकाश सबसे बड़े बेटे थे। चाचा राजेंदर ने बताया कि गुड़गांव से लौटते वक्त पाली जोन से सूरजकुंड आने वाली सड़क पर सत्यप्रकाश के साथ दो बदमाशों ने लूट की वारदात की तथा उन्हें पीटा। जिसके बाद वह घायल अवस्था में वहां काफी देर तक पड़े रहे। शाम 4 से 5 बजे के बीच वह पुलिस चौकी पर शिकायत देने गए, लेकिन उन्हें वहां से यह कहकर भगा दिया गया कि जाओ पहले इलाज कराओ, फिर आना। घटना से आक्रोशित होकर परिवार व गांव के लोगों ने पाली-सूरजकुंड रोड पर जाम लगा दिया। जिसके बाद सूरजकुंड पुलिस और एसीपी ने परिवार को समझाकर शव के पोस्टमॉर्टम के लिए राजी कराया। रात में मृतक के परिजन उसे ढूंढ़ते हुए जब पाली जोन रोड पर पहुंचे थेतब उसकी गाड़ी पुलिस नाके से 200 मीटर दूर खड़ी मिली थी। वहीं उसका शव वहां से 100 मीटर दूर पहाड़ियों में पेड़ पर लटका था। जमीन पर किसी व्यक्ति को घसीटे जाने के निशान भी मौके पर मिले हैं। पुलिस पूछताछ में दो राहगीरों ने यह भी बताया कि दो युवक मृतक के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने सुबह ऑफिस जाते और लौटते समय उन्हें यहीं देखा था।
