1960 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 362 थी जो आज 2.16 लाख है : नितिन पटेल

अहमदाबाद | उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि वर्ष 1960 में गुजरात के प्रति व्यक्ति आय रु. 362 थी जो आज बढ़कर 216329 रुपए हो गई है| गुजरात पर कर्ज को लेकर नितिन पटेल ने कहा कि दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं है, जो कर्ज से अछूता हो| प्रत्येक कहीं न कहीं से ऋण लेता है| वर्ष 1960 में कांग्रेस के शासनकाल में गुजरात पर कर्ज था| कांग्रेस सरकार के मुकाबले भाजपा सरकार के दौरान राज्य पर कर्ज 6 प्रतिशत जितना घटा है और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है| गुजरात विधानसभा में बजट पर चर्चा के अंतिम दिन नितिन पटेल ने वर्ष 2021-22 के बजट का राज्य की जनता के सर्वांगीण विकास का बजट बताते हुए कहा कि ऐसे बजट गुजरात के इतिहास में कभी पेश नहीं किया गया| भाजपा सरकार ने हमेशा लोगों के सार्वत्रिक और सर्वांगीण विकास की चिंता की है| इसके लिए राज्य सरकार ने किसानों, मछुआरों, आदिजाति समेत अनेक योजनाएं शुरू की है| खासकर गुजरात के किसान को समृद्ध बनाने के लिए भरपूर प्रयास किए हैं| उन्होंने कहा कि एक समय था जब कृषि उपज बाजारों में कौवे उड़ा करते थे| भाजपा सरकार ने किसानों को नर्मदा और सौनी योजना, सुजलाम सुफलम जल संचय अभियान के जरिए सिंचाई की सुविधा, किसानों को सस्ते दर पर बिजली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरू की गई किसान सम्मान निधि योजना समेत किसानों को शून्य प्रतिशत के दर पर ऋण उपलब्ध करवाकर किसान उत्थान के प्रयास किए हैं| जिसकी वजह से आज राज्य के कृषि उपज बाजार फसलों से अटे पड़े हैं| उन्होंने कहा कि पिछले साल राज्य में रु. 173000 करोड़ का कृषि उत्पादन हुआ| गुजरात पर कर्ज लगातार बढ़ने के कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए नितिन पटेल ने कहा कि दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश होगा जिसने कभी भी किसी के पास से एक-दूसरे तरीके से ऋण नहीं लिया हो| कर्ज भी एक परंपरा है| हम भी वर्षों से ऋण के जरिए कर्ज लेते हैं भाजपा शासित सरकारों पर कर्ज बढ़ने के आरोप को खारिज करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1987-88 में राज्य के नागरिकों की आय के मुकाबले राज्य पर रु. 3679 करोड़, वर्ष 1988-89 में रु. 4161 करोड़, वर्ष 1990-91 में रु. 4194 करोड़, वर्ष 1991-92 में रु. 5900 करोड़ और वर्ष 1992-93 में रु. 6920 करोड़ का कर्ज था| वर्ष 1992-93 में जो कर्ज था उसका प्रति आय से तुलना की जाए तो 22.59 प्रतिशत होता है| कांग्रेसशासित सरकारों की सापेक्ष में जब से भाजपा राज्य की सत्ता पर काबिज हुई है तब से आज तक और वर्ष 2019-20 में राज्य पर कर्ज घटकर 16.19 प्रतिशत है| जिससे स्पष्ट होता है कि हमारे शासनकाल में राज्य पर के कर्जा लगातार घट रह है| वर्ष 1995-96 में हमारे बजट का कद रु. 10782 करोड़ था जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर रु. 227029 करोड़ हो गया है| वर्ष 1960-61 में गुजरात राज्य की ग्रोस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) से आय़ रु. 738 करोड़ और प्रति व्यक्ति आय केवल रु. 362 थी| जो वर्ष 2019-20 में जीएसडीपी से रु. 1649505 करोड़ हो गई है और प्रति व्यक्ति आय रु. 216329 पर पहुंच गई है|

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