राजनीतिक गतिविधियां खत्म होते ही कोरोना को लेकर प्रतिबंधों का दौर शुरू

अहमदाबाद | गुजरात में राजनीतिक गतिविधियां खत्म होने के बाद प्रतिबंधों का दौर शुरू हो गया है| स्थानीय निकाय चुनावों के कारण राज्य में कोरोना फिर एक बार बेकाबू हो गया है| राजनीतिक रैलियों में नेता और समर्थकों की लापरवाही का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है| राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ता देख हरकत में आई सरकार ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में रात्रिकालीन कर्फ्यू 31 मार्च तक बढ़ा दिया है| पहले रात्रिकालीन कर्फ्यू के समय रात 12 बजे से 6 बजे यानी 6 घंटे था| जिसे अब 8 घंटों का यानी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया है| रात्रिकालीन कर्फ्यू की व्यवस्था आज 17 मार्च से लागू हो जाएगी| इन चारों महानगरों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रोडवेज की बस सेवाएं बंद कर दी गई हैं| सूरत महानगर में सबसे अधिक संक्रमित इलाकों में नगरीय बस सेवा भी रोक दी गई है| कोरोना के सबसे अधिक मामले सूरत और अहमदाबाद में सामने आ रहे हैं| बीते दिन सूरत महानगर पालिका ने शहर के बाग-बगीचे समेत घूमने-फिरने के सभी स्थलों को बंद करने का फैसला किया था| अब अहमदाबाद महानगर पालिका ने भी कांकरिया लेकफ्रंट और प्राणी संग्रहालय समेत शहर के 273 गार्डनों को 18 मार्च से अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद करने का निर्णय किया है| स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले नेताओं के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की| लेकिन सामान्य लोगों को दंडित करते रहे| चुनाव जीतकर सत्ता पर आने के बाद राज्य में खासकर चार महानगरों अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में प्रतिबंधों का सिलसिला शुरू कर दिया है| यही प्रतिबंध यदि चुनाव के दौरान लगाए होते तो शायद कोरोना इस प्रकार बेकाबू नहीं होता|  

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