सदन में कृषि मंत्री की नींद ने सरकार की कराई किरकिरी

रांची. झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) का बजट सत्र (Budget Session) चल रहा है. 26 फरवरी से 23 मार्च तक आहूत बजट सत्र में कभी हंगामा तो कभी खामोशी की राजनीति जारी है. इस बीच, शुक्रवार को सदन में कुछ ऐसे नजारे देखने को मिले, जिसकी चर्चा शुरू हो गई है. सवाल यह भी उठने लगा है कि सदन की अपनी गरिमा होती है और अगर सदन में मौजूद सदस्य ही इसे भूल जाएं, तो कैसे चलेगा?
शुक्रवार को झारखंड विधानसभा में नजारा कुछ यूं था कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल रही थी और शून्यकाल के दौरान राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सो रहे थे. कृषि मंत्री को सोता देख सहयोगी मंत्री भी असहज दिखे. काफी देर तक सहयोगी मंत्रियों के बीच इसकी चर्चा चलती रही. बाद में उन्हीं की पार्टी के सहयोगी मंत्री ने कृषि मंत्री को नींद से जगाया. सदन के अंदर करीब 28 मिनट तक मंत्री जी गहरी नींद में नजर आए.
यह पहला मौका नहीं था जब झारखंड विधानसभा में ऐसा नजारा देखने को मिला. 1 मार्च को भी सदन में एक विधायक के खर्राटे से सदन की खामोशी टूटी थी. उस वक्त भी सत्ताधरी दल के एक विधायक सोते हुए नजर आए थे. गहरी नींद से जगाए जाने के बाद कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने हजारीबाग में खुदाई के दौरान पाई जाने वाली मूर्ति को बिहार नहीं भेजे जाने की जानकारी सदन को दी. उन्होंने कहा कि इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश भी दे दिया गया है.
