कोरोना के चलते नहीं भरेगा कैलादेवी का लक्खी मेला

जयपुर । करौली जिला प्रशासन ने कोरोना की दूसरी लहर की गति ज्यादा नहीं फैले की सोच के तहत राज्य में भरने वाले प्रसिद्ध कैलादेवी लक्खी मेले को इस बार मंदिर ट्रस्ट की अनुशंसा पर नहीं भरने का निर्णय लिया है।
ज्ञात रहे कि चेत्र मेले में माता के दरबार में प्रतिवर्ष 40 से 50 लाख श्रद्धालु आते है गत वर्ष भी कोरोना के चलते मेले का आयोजन नहीं हुआ था बता दें कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में कैलादेवी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं जगह-जगह भंडारे और धार्मिक आयोजन होते हैं. इससे कोरोना महामारी का संक्रमण बढऩे की आशंका है। इसी के चलते जनहित में विचार करते हुए कैलादेवी मेले को इस बार भी रद्द किया गया है. गौरतलब है कि इस मेले में लगभग 20 दिन तक उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अनेक इलाकों से यात्रियों की आवाजाही रहती है। मेले में लगभग 40 से 50 लाख श्रद्धालुओं की आवक होती है। चैत्रामास में शक्तिपूजा का विशेष महत्व रहा है. कैला मैया का दरबार चैत्रामास में लघुकुम्भ नजर आता है. उत्तरी-पूर्वी राजस्थान के चम्बल नदी के बीहडों के नजदीक कैला ग्राम में स्थित मां के दरबार में बारह महीने श्रद्धालु दर्शनार्थ आते रहते हैं लेकिन चैत्रा मास में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में तो जन सैलाब-सा उमड पड़ता है. लेकिन कोरोना के चलते पिछले साल की तरह इस बार भी लक्खी मेले का आयोजन नहीं होगा।
