तो महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ देगा यूपी? 30 अप्रैल से रोजाना 1.19 लाख मरीज मिलने का अनुमान

लखनऊ. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की दूसरी लहर का पीक अभी आना बाकी है. नीति आयोग (Niti Ayog) के अनुमान के मुताबिक अगले एक हफ्ते में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कोरोना संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र (Maharashtra) को भी पीछे छोड़ सकता है. निति आयोग के अनुमान के मुताबिक 30 अप्रैल के बाद प्रदेश में प्रतिदिन 1,19,604 नए मामले सामने आ सकते हैं. अगर ऐसी स्थिति आती है तो इसके लिए प्रदेश में रोजाना 16,752 ऑक्सीजन और 3081 आईसीयू बेड की आवश्यकत होगी. 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में यह अनुमान नीति आयोग ने लगाया है.
नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य व कोविड-19 टास्क फोर्स के अध्यक्ष वीके पॉल की अगुवाई वाले पैनल ने अनुमान लगाया है कि बड़ी आबादी वाले राज्य ज्यादा जोखिम में हैं. आयोग ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इन राज्यों में सेहत से जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूदा गंभीर हालात से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.
आयोग के मुताबिक 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ सकता है. संक्रमण की मौजूदा रफ़्तार को देखते हुए 30 अप्रैल तक यूपी में 1,19,604 नए मामले सामने आएंगे. इसी अवधी में महाराष्ट्र में 99665 और दिल्ली में 67134 नए केस आएंगे. अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो यूपी में 16,752 ऑक्सीजन और 3081 आईसीयू बेड की आवश्यकत होगी. इसके अलावा 1538 वेंटिलेटर्स की आवश्यकता होगी.
15 मई तक यूपी बन सकता है हॉटस्पॉट
नीति आयोग ने जो अनुमान लगाया है उसके मुताबिक 15 मई तक देश का हॉटस्पॉट बन सकता है. यानी दूसरी लहर में उत्तर प्रदेश सभी राज्यों को पछाड़कर संक्रमण के मामले में पहले नंबर पर आ सकता है. यही वजह है कि इस अनुमान के बाद प्रदेश की योगी सरकार टीकाकरण पर जोर दे रही है. 1 मई से शुरू हो रहे 18 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान के तहत व्यवस्था शुरू कर दी है. सरकार ने एक करोड़ टीके का आर्डर दे दिया है. साथ ही 1 मई से प्रदेश में 8000 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा.
