बढ़ा डिजिटल लेनदेन: तो अब साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ेंगे अधिकारी

नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में हुई बढ़ोतरी, एटीएम पर साइबर हमलों और बीते दिनों रैनसमवायर के साइबर हमलों ने यह साफ कर दिया कि सरकार को साइबर सुरक्षा को कड़ा करना होगा। इसी के चलते अब सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में साइबर सुरक्षा के लिए नियुक्त मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ) को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मुहैया कराई जाएगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से यह प्रशिक्षण शुरू होगा जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और रेड हैट के अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। सीआईएसओ को तीनों कंपनियों की ओर से विभिन्न स्तरों के वायरस, साइबर हमलों और हैकिंग से बचाव के कदमों की जानकारी दी जाएगी। सूचना सुरक्षा प्रबंधन तंत्र (आईएसएमएस) के लिए इसी साल मार्च में सरकार ने सीआईएसओ को हरेक केंद्रीय मंत्रालय, विभाग और संस्थान में नियुक्त करने का निर्णय लिया था। इसकी मुख्य वजह डिजिटल इंडिया के तहत सभी जारी योजनाओं की सटीक सुरक्षा बताया जा रहा है। रिजर्व बैंक पहले ही बैंकों को साइबर सुरक्षा के लिए अलर्ट कर चुका है और बैंकों ने इस पर कदम भी बढ़ा दिया है।
सभी सेवाएं होंगी डिजिटल
मंत्रालय के मुताबिक यही नहीं मौजूदा सरकार सभी सेवाओं को डिजिटल कर रही है, ऐसे में साइबर सुरक्षा अहम है। इसके लिए मंत्रालय माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और रेड हैट सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से सीआईएसओ को प्रशिक्षण दिलाने जा रहा है।
राज्यों से की चर्चा
साइबर सुरक्षा पर नीति आयोग ने राज्य सरकारों से भी चर्चा की है और आने वाले दिनों में राज्य सरकारें भी सीआईएसओ जैसा पद सृजित कर साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाएंगी।
डिजिटल सेवा से कर चोरी पर लगाम
सरकार ने सभी आयकर रिटर्न, बैंक खातों, मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने का निर्देश भी दिया है। भविष्य में इससे काली कमाई करने वालों का पता लगाना आसान हो जाएगा और कर की चोरी घटेगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के हथियार से आने वाले दिनों में वह ईमानदार करदाता पर कर चोरों की वजह से पड़ने वाले भार को कम करेगी।
