दानरो नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की बड़ी कवायद: गढ़वा प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने खुद संभाली कमान

गढ़वा | जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली दानरो नदी को प्रदूषण की मार से बचाने और इसे पूरी तरह स्वच्छ रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्वयं जमीन पर उतरकर दानरो नदी का औचक निरीक्षण किया और वहां फेंके जा रहे कूड़े-कचरे की चिंताजनक स्थिति को देखा। इस दौरान नदी के विभिन्न घाटों और तटीय हिस्सों में बिना किसी वैज्ञानिक पद्धति के, बेहद लापरवाही से भारी मात्रा में कचरा डंप किया हुआ मिला। सबसे ज्यादा फिक्र की बात यह थी कि कई जगहों पर कचरे के इन ढेरों में आग सुलग रही थी, जिससे निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण पूरे इलाके की हवा प्रदूषित हो रही थी।

नदी किनारे कचरा फेंकने पर पूर्ण पाबंदी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

नदी की इस दुर्दशा को देखकर उपायुक्त ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कड़ी नाराजगी और गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद पूरी टीम को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि दानरो नदी के बहाव क्षेत्र और उसके आसपास के संवेदनशील किनारों पर किसी भी सूरत में दोबारा कचरा नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस काम में किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही को कतई सहन नहीं किया जाएगा।

सुखबाना डंपिंग यार्ड का मुआयना, कचरा निस्तारण के वैज्ञानिक तरीके अपनाने के निर्देश

नदी क्षेत्र का जायजा लेने के पश्चात उपायुक्त सीधे सुखबाना स्थित कचरा प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) के लिए तय की गई जमीन पर पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं को परखने के बाद उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र से रोजाना कलेक्ट होने वाले तमाम गीले और सूखे कचरे को केवल और केवल इसी डंपिंग यार्ड में लाया जाए। इसके साथ ही, वहां पड़े कचरे को वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेस और नष्ट करने की आधुनिक व्यवस्था जल्द से जल्द चालू की जाए, ताकि शहर और नदी दोनों को प्रदूषण मुक्त रखा जा सके।

कचरा प्रबंधन प्रणाली होगी आधुनिक, आम जनता से सहयोग की अपील

उपायुक्त मिश्रा ने कहा कि आम जनता की सेहत, साफ-सफाई और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरे जिले की कचरा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक असरदार व आधुनिक रूप दिया जाएगा। उन्होंने मातहत अधिकारियों को डंपिंग साइट की नियमित निगरानी (मॉनिटरिंग) करने और तय मानकों के आधार पर ही काम आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता से भी यह भावुक अपील की है कि वे गढ़वा को साफ-सुथरा बनाने में सहयोग करें और नदी-नालों या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से पूरी तरह परहेज करें।

Leave a Reply