करोड़ों की कोठी और अपनों की बेरुखी: बुजुर्ग ननद-भाभी की मौत ने खड़े किए समाज की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल

नई दिल्ली | देश की राजधानी की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच मध्य दिल्ली के राजिंदर नगर इलाके से एक बेहद भावुक और आंखें खोल देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पुराने मकान में रहने वाली दो बुजुर्ग महिलाओं की खामोशी से मौत हो गई और पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब घर की साफ-सफाई करने वाली सहायिका वहां पहुंची, तो अंदर से आ रही तेज बदबू के बाद इस दुखद वाकये का खुलासा हुआ। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर 80 वर्षीय सरोज बाला और उनकी भाभी चंद्रकांता मृत अवस्था में पड़ी थीं। आलीशान अपार्टमेंट्स और करोड़ों के मकानों से घिरे इस इलाके में हुई यह घटना महानगरों के अकेलेपन और दम तोड़ते सामाजिक ताने-बाने की एक दर्दनाक बानगी पेश करती है।
करोड़ों की संपत्ति और पेंशन, फिर भी एकाकीपन में बीता जीवन
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस मकान में दोनों बुजुर्ग महिलाएं रहती थीं, उसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। इतनी मूल्यवान संपत्ति और सरकारी पेंशन की सुविधा होने के बावजूद दोनों महिलाओं की जिंदगी बेहद तन्हाई और सन्नाटे में गुजर रही थी। मृतका सरोज बाला अविवाहित थीं और बिजली विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी बीमार भाभी के साथ रह रही थीं। उनके भाई भारतीय सेना में थे, जिनका कोरोना काल में निधन हो गया था, जबकि उनकी छोटी बहन भी इस दुनिया में नहीं रहीं। परिवार में कोई वारिस या संतान न होने के कारण दोनों बुजुर्ग महिलाएं एक-दूसरे का एकमात्र सहारा बनी हुई थीं।
बंद दरवाजे के पीछे थम गईं सांसें, सहायिका ने दी पुलिस को सूचना
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घरेलू सहायिका काम पर पहुंची। मकान के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे और वहां से भारी दुर्गंध आ रही थी, जिसके बाद उसने तुरंत मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब दरवाजा तोड़ा, तो एक महिला का शव बेड पर और दूसरी का फर्श पर पड़ा मिला। शुरुआती जांच और शवों की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक भीषण गर्मी, बीमारी, शारीरिक कमजोरी या किसी अन्य आकस्मिक कारण से दोनों की मौत दो-तीन दिन पहले ही हो गई थी।
जांच में जुटी पुलिस, महानगरों में रिश्तों की अहमियत पर उठे सवाल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती मुआयने में घर का सामान सुरक्षित मिला है और जबरन प्रवेश या लूटपाट के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस फिलहाल इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें प्राकृतिक मौत के साथ-साथ खुदकुशी की आशंका भी शामिल है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इस हृदयविदारक घटना ने दिल्ली जैसे महानगरों की जीवनशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, जहां लोग पास रहकर भी एक-दूसरे से पूरी तरह बेगाने हो चुके हैं।
