सरकारी कॉलेजों के छात्रों के लिए नई पहल, AI ट्रेनिंग लेकर शिक्षक भविष्य की चुनौतियों के लिए करेंगे तैयार

भोपाल। मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्राध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बारीकियों से लैस करने की बड़ी तैयारी की गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों के लिए 22 से 26 अक्टूबर तक पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में राज्य भर से चयनित 60 शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक भाग लेंगे। प्रशिक्षण सत्र के दौरान आईआईटी गुवाहाटी के वरिष्ठ प्रोफेसर और तकनीकी विशेषज्ञ शिक्षकों को एआई की नई तकनीकों और अध्यापन में इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देंगे।

स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत अनुबंध

शिक्षकों के कौशल विकास और तकनीकी सक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही यह पांच दिवसीय कार्यशाला स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग और आईआईटी गुवाहाटी के मध्य 13 अक्टूबर को एक विशेष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस कार्यशाला का मुख्य ध्येय प्राध्यापकों को एआई आधारित आधुनिक शैक्षणिक प्रक्रियाओं, शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल उपकरणों से अवगत कराना है, जिससे उनकी अध्यापन क्षमता में अभूतपूर्व सुधार लाया जा सके।

तकनीक आधारित शिक्षण प्रक्रिया से सशक्त होंगे शिक्षक

उच्च शिक्षा के बदलते दौर में तकनीक की बढ़ती महत्ता को देखते हुए प्राध्यापकों को एआई आधारित शिक्षण व्यवस्था से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक यह बेहतर ढंग से समझ सकेंगे कि पठन-पाठन और शोध कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। उच्च शिक्षा विभाग का मूल उद्देश्य कॉलेजों की पारंपरिक शिक्षण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावकारी बनाना है, ताकि मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त हो सके।

मास्टर ट्रेनर तैयार कर संभाग स्तर पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

चयनित शासकीय कॉलेजों के प्राध्यापकों को गहन प्रशिक्षण के लिए आईआईटी गुवाहाटी भेजा जाएगा। वहां से प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटने वाले प्राध्यापकों में से 40 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षकों को 'मास्टर ट्रेनर' के रूप में चुना जाएगा। द्वितीय चरण में ये मास्टर ट्रेनर राजधानी भोपाल में प्रदेश के अन्य कॉलेजों के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके पश्चात संभाग स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एआई प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने संस्थानों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक शिक्षा प्रदान करेंगे।

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