एक छोटी गलती बदल सकती है मैच का रुख, स्लिप फील्डिंग पर टी. दिलीप की खास सलाह

श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के मद्देनजर भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हाल ही में एक तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच में बेहतरीन जीत दर्ज करने के बाद अब टीम इंडिया की निगाहें 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले में अपने उम्दा प्रदर्शन को दोहराने पर टिकी हैं। इसी बीच, भारतीय टीम के पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने स्लिप कॉर्डन (Slip cordon) में फील्डरों की सटीक पोजिशनिंग को टीम के लिए एक बेहद अहम और निर्णायक चुनौती करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ स्लिप क्षेत्र में कैच लपकने के लिए क्षेत्ररक्षकों के बीच की दूरी का सटीक होना बहुत जरूरी है।
तेज गेंदबाजों के खिलाफ कम मिलता है समय
अपने करीब पांच साल के सफल कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए टी. दिलीप ने बताया कि स्लिप में फील्डिंग केवल सहज प्रतिक्रिया (reflexes) पर निर्भर नहीं करती है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के मुकाबले स्लिप फील्डरों को रिएक्ट करने के लिए बहुत कम समय मिलता है, क्योंकि गेंद काफी रफ्तार से निकलती है।
यदि फील्डरों के बीच का अंतर ज्यादा होगा, तो बगल की तरफ डाइव लगाकर गेंद तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि गेंदबाजों की गति और पिच के मिजाज को देखते हुए स्लिप में खड़े खिलाड़ियों का गैप एकदम सटीक हो।
स्पिन के खिलाफ पोजिशनिंग की चुनौती
स्पिन गेंदबाजी के दौरान स्लिप कॉर्डन की रणनीति बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। पिच से मिलने वाले टर्न और उसकी गति के आधार पर बल्ले के बाहरी किनारे (Edge) से निकलने वाली गेंद की रफ्तार और दिशा बदल जाती है। ऐसी स्थिति में फील्डर को पहले से ही यह अनुमान लगाना पड़ता है कि गेंद किस दिशा में जा सकती है।
पूर्व कोच ने अफगानिस्तान के खिलाफ पिछली श्रृंखला का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार शुभमन गिल ने स्पिनरों के खिलाफ स्लिप फील्डरों की सटीक पोजीशन तय करने में अहम भूमिका निभाई थी। विकेटकीपर और स्लिप के बीच का अंतर ऐसा होना चाहिए कि बल्लेबाज के बल्ले से निकलने वाले बारीक से बारीक एज को भी आसानी से कैच में बदला जा सके।
श्रीलंका की पिचों पर कैचिंग होगी अहम
श्रीलंकाई परिस्थितियों को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि वहां स्पिन गेंदबाजों की भूमिका मैच का रुख तय करने में सबसे बड़ी होगी। ऐसे में भारतीय टीम के लिए स्लिप क्षेत्र में फील्डरों की सही पोजीशन और एकाग्रता बहुत मायने रखेगी। टी. दिलीप की यह तकनीकी सलाह भारतीय टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ एज के मौकों को विकेट में तब्दील करने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
