टाइफाइड से जूझ रहे अभिजीत दीपके, बोले- मांग पूरी होने तक नहीं रुकेंगे

नई दिल्ली: नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने रुख पर कायम हैं। दीपके ने स्पष्ट किया कि उनकी बीमारी के कारण आंदोलन की गति धीमी नहीं पड़ेगी और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेंगे।

स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा कर समर्थकों का जताया आभार

सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ महसूस करने के बाद डॉक्टरों ने उनके रक्त की जांच कराई थी, जिसमें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने देशभर में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से ही आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अहिंसक प्रदर्शनों के दबाव में सरकार को अंततः शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अडिग रहा सीजेपी नेतृत्व

इससे पूर्व शुक्रवार को अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त करने के निर्णय का स्वागत किया था। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने वांगचुक के बेहतर स्वास्थ्य पर संतोष व्यक्त किया, परंतु परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने की अपनी मुख्य मांग पर अड़े रहे। उन्होंने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से त्यागपत्र नहीं दे देते, तब तक सीजेपी का यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।

अनशन समाप्ति के बाद आलोचकों को सोनम वांगचुक का करारा जवाब

दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं और आलोचनाएं देखने को मिलीं। इन आलोचनाओं का उत्तर देते हुए वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे संघर्ष और त्याग के बाद क्या उन्हें अपने अनशन की पवित्रता साबित करने के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी या फिर अनशन समाप्त करने के संदर्भ में लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोपों का स्पष्टीकरण देना पड़ेगा।

देशभर में आंदोलन जारी रखने की भावी रणनीति

सीजेपी नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि संगठन का ध्यान अब पूरे देश में अपनी पहुंच बढ़ाने और छात्रों की मांगों को मजबूती से उठाने पर केंद्रित है। संस्थापक की अस्वस्थता के बावजूद पार्टी के अन्य पदाधिकारी और समर्थक विभिन्न राज्यों में संवाद व प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक संगठित रूप देने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।

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