‘रावण नहीं, ऋषि-मुनियों को जलाओ’ टिप्पणी पर कार्रवाई, शिक्षक को जेल भेजा गया

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कुनकुरी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं, सनातन धर्म के ऋषि-मुनियों और धार्मिक ग्रंथों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक एवं अमर्यादित पोस्ट साझा करने वाले एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं 199 और 299 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है और अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार शिक्षक की पहचान और जब्ती

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 52 वर्षीय हेमंत कुमार बेदी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में बगीचा ब्लॉक के अंतर्गत स्थित कूदमुरा के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहा था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन और उसमें प्रयुक्त सिम कार्ड भी अपनी हिरासत में ले लिया है, जिसका इस्तेमाल इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए किया गया था।

विश्व हिंदू परिषद की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब 17 अक्तूबर को विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह ने कुनकुरी थाने में पहुँचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हेमंत बेदी के नाम से बने एक यूजर अकाउंट पर बेहद आपत्तिजनक पोस्ट देखी थी। इस पोस्ट में सनातन संस्कृति और पूज्य ऋषियों के प्रति अत्यंत अमर्यादित बातें लिखी गई थीं। शिकायत में इस बात पर जोर दिया गया कि इस तरह की भड़काऊ सामग्री से बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं और क्षेत्र में तनाव का माहौल बन रहा है। धार्मिक सौहार्द और सामाजिक शांति बिगड़ने की आशंका को भांपते हुए हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की माँग की थी।

नोटिस देने पहुँची पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी

शिकायत मिलते ही कुनकुरी थाना पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत प्रारंभिक जाँच शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिक्षक मूल रूप से कांसाबेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चौकी दोकड़ा के ग्राम बिहावल पतराटोली का रहने वाला है। थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार चंद्रा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद जब पुलिस टीम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा के तहत कानूनी नोटिस तामील कराने के लिए आरोपी के पास पहुँची, तो पुलिस बल को देखकर वह वहाँ से भागने की कोशिश करने लगा। हालाँकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़ कर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया कि उसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह पोस्ट डाली थी।

धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को दी गई कड़ी चेतावनी

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करके किसी भी धर्म, आस्था या संप्रदाय के विरुद्ध भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी वैमनस्य फैलाने या शांति व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कानून के दायरे में रहकर सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने यह भी दोहराया है कि जिले में शांति, कानून व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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