Agra News: संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम नहीं पहुंचे, शिकायत लेकर आए लोग लौटे निराश

आगरा। जिले की सदर तहसील में शनिवार को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया था। इस प्रशासनिक शिविर में जिला कलेक्टर (डीएम) के व्यक्तिगत रूप से पहुंचने की सूचना पाकर दूर-दराज के गांवों से भारी संख्या में पीड़ित अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। हालांकि, दोपहर 11:30 बजे तक भी जिलाधिकारी के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों को मायूस होना पड़ा। डीएम की अनुपस्थिति में फरियादियों ने वहां मौजूद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान ज्यादातर मामले सरकारी भूमियों पर भू-माफियाओं के अवैध कब्जों, नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों और राजस्व रिकॉर्ड व खतौनी में की गई गंभीर धांधलियों से जुड़े रहे।
एसडीएम ने दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सचिन राजपूत ने सभी विभागों के मैदानी अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि समाधान दिवस में प्राप्त हुई सभी जायज शिकायतों का हर हाल में अगले 7 दिनों के भीतर धरातल पर पारदर्शी निस्तारण किया जाए। लापरवाही बरतने वाले या समय सीमा का उल्लंघन करने वाले लापरवाह कर्मचारियों और पटवारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ई-रजिस्ट्री प्रणाली के खिलाफ तनातनी, जमीनों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह ठप
दूसरी ओर, आगरा सदर तहसील परिसर में प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ कानूनी व्यवस्थाओं को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील के तमाम अधिवक्ता (वकील), दस्तावेज लेखक (कातिब) और स्टांप वेंडर शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी अपनी पूर्ण हड़ताल पर अड़े रहे। इस कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय निबंधन भवन (रजिस्ट्री कार्यालय) में सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले पांच दिनों से जमीनों, मकानों और व्यावसायिक भूखंडों की खरीद-फरोख्त व बैनामा से जुड़ा सरकारी काम पूरी तरह से ठप पड़ा है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और शासन को मिलने वाले राजस्व को भी बड़ा झटका लगा है।
