ठाणे में हंगामे की वजह बना 17 लाख रुपये में समझौते का आरोप

ठाणे। शिवसेना (ठाकरे गुट) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के 28 दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से ठाणे में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है। मृतक पूर्णेकर की पत्नी विजेता पूर्णेकर ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके परिवार से 17 लाख रुपये में समझौता कराने के लिए एक व्यक्ति को भेजा गया था। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
उपमुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन और पुलिस हिरासत
मंगलवार को प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुँचे थे, जहाँ पुलिस ने उन्हें पहले ही हिरासत में लेकर नौपाड़ा पुलिस थाने भेज दिया। इस घटना के बाद ठाकरे गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता थाने पहुँच गए, जिससे मामला तीखे राजनीतिक टकराव में तब्दील हो गया। पूर्णेकर परिवार ने आधी रात तक थाने के बाहर धरना दिया।
17 लाख रुपये में समझौते की कोशिश का आरोप
नौपाड़ा पुलिस थाने के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में विजेता पूर्णेकर ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से भेजे गए व्यक्ति ने 17 लाख रुपये देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि उनके पति के जीवन का मूल्य 17 लाख रुपये तय कर समझौते का प्रयास किया गया। विजेता के इस बयान के बाद पूरे प्रकरण ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
शिंदे सेना की चेतावनी और सर्वदलीय मोर्चा
मामले में मुख्य सूत्रधार मानी जा रही शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने पर विपक्ष आक्रामक है। जांभली नाका स्थित चिंतामणि चौक पर गुरुवार को सर्वदलीय मोर्चे का आह्वान किया गया था। इस बीच शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि आंदोलन के दौरान किसी भी नेता ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निराधार आरोप लगाए, तो उसे ठाणे से वापस नहीं लौटने दिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था का हवाला देकर दोनों गुटों के प्रदर्शन पर रोक
प्रदीप पूर्णेकर हत्या कांड के विरोध में महाविकास आघाड़ी द्वारा आयोजित प्रदर्शन को पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही जवाब में शिंदे गुट द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति भी निरस्त कर दी गई है। महाविकास आघाड़ी ने पार्षद मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे की तत्काल गिरफ्तारी तथा उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। अनुमति न मिलने के बावजूद आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत के पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करने की संभावना बनी हुई है।
