टीम इंडिया की जीत के बीच जडेजा पर क्यों टिकी नजरें, गॉल टेस्ट में बन सकते हैं विलेन

गॉल टेस्ट में श्रीलंका की टीम 372 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही है। मैच के चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 84 रन बना लिए थे। एक समय श्रीलंकाई टीम ने महज 47 रन पर अपने 4 अहम विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद कप्तान धनंजय डीसिल्वा और सोनल डीनूशा ने शानदार साझेदारी करते हुए पारी को संभाला और पांचवें दिन दोनों बल्लेबाजों ने अपने-अपने अर्धशतक पूरे किए।

रवींद्र जडेजा का नो-बॉल विवाद और चिंताजनक रिकॉर्ड

  • सबसे ज्यादा नो-बॉल: पिछले 5 वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो-बॉल फेंकने का अनचाहा रिकॉर्ड रवींद्र जडेजा के नाम दर्ज है। साल 2021 से लेकर अब तक उन्होंने टेस्ट मैचों में कुल 84 नो-बॉल फेंकी हैं।

  • अन्य गेंदबाजों की तुलना: दुनिया के किसी भी अन्य स्पिनर ने इस अवधि में जडेजा की आधी नो-बॉल भी नहीं फेंकी हैं। इस सूची में पाकिस्तान के नोमान अली 40 नो-बॉल के साथ दूसरे और श्रीलंका के लसिथ एम्बुलदेनिया 33 नो-बॉल के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

मोड़ देने वाला वह अहम पल

श्रीलंकाई पारी के 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने धनंजय डीसिल्वा को आउट कर दिया था। श्रीलंकाई कप्तान के बल्ले का बाहरी किनारा लगकर गेंद सीधे केएल राहुल के हाथों में चली गई थी, जिसके बाद भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया था। हालांकि, मैदानी अंपायर ने इसे नो-बॉल करार दिया और डीसिल्वा जीवनदान पाकर क्रीज पर टिके रहे। उस समय वह मात्र 7 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे। बाद में जडेजा ने डीसिल्वा को 59 रन के स्कोर पर आउट करके अपनी गलती की भरपाई जरूर की, तब तक वह श्रीलंका को शुरुआती झटकों से पूरी तरह उभार चुके थे। अपने 15वें ओवर में जडेजा ने डीसिल्वा को स्वीप शॉट खेलने पर विवश किया, जिस पर गेंद बल्ले का किनारा लेकर शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई और इस बार कैच लेने में कोई चूक नहीं हुई।

मैच का स्कोरबोर्ड और समीकरण

  • भारतीय पारियां: टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम पहली पारी में 284 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाए।

  • विशाल लक्ष्य: पहली पारी के आधार पर मिली बढ़त को मिलाकर श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य है। गॉल स्टेडियम के पूरे इतिहास में आज तक इतना बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल (चेज) नहीं किया गया है।

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