बंगाल की राजनीति में नया मोड़: TMC की महुआ मोइत्रा ने शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा का एक ताजा बयान काफी चर्चा में आ गया है। पार्टी के भीतर बगावत और इस्तीफों की खबरों के बीच महुआ ने विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की है, जिससे सियासी गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि वह शुभेंदु अधिकारी का सम्मान करती हैं क्योंकि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला पूरी ईमानदारी और साफ तरीके से लिया था।
'शुभेंदु का तरीका साफ और पारदर्शी था'
महुआ मोइत्रा ने एक इंटरव्यू में कहा कि शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके व्यक्तिगत रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं, हालांकि टीएमसी छोड़ने के बाद से दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता को पार्टी की लीडरशिप से कोई परेशानी थी, तो उसे चुनाव से पहले ही अपना रुख साफ कर लेना चाहिए था। शुभेंदु ने अपनी असहमति को कभी छुपाया नहीं और खुलकर अपना अलग रास्ता चुना। महुआ के मुताबिक, यह एक बेहद “साफ और पारदर्शी तरीका” था, जिसका वह आदर करती हैं।
टीएमसी में बगावत के दावों को नकारा
पार्टी में बड़े पैमाने पर टूट और सांसदों के बागी होने के दावों को महुआ मोइत्रा ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह उड़ा रहे हैं कि बहुत से सांसद पार्टी से अलग हो गए हैं, लेकिन इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। महुआ के अनुसार, अगर सच में इतनी बड़ी राजनीतिक टूट हुई होती, तो अब तक कानूनी दस्तावेज और आधिकारिक घोषणाएं सामने आ चुकी होतीं। उन्होंने याद दिलाया कि दलबदल कानून के तहत किसी भी गुट को अलग मान्यता लेने के लिए एक तय संख्या और कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
पार्टी के लिए बताया 'शुद्धिकरण' का दौर
टीएमसी के मौजूदा हालातों पर बात करते हुए महुआ ने इसे एक तरह से पार्टी का “शुद्धिकरण” (सफाई) करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी हमेशा अपने नेताओं के साथ खड़ी रहीं और उन पर भरोसा किया, लेकिन कुछ लोगों ने उस वफादारी और भरोसे का गलत फायदा उठाया। उन्होंने ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि वह दिल से लोगों से जुड़ती हैं और अपनी वफादारी निभाना जानती हैं।
अभिषेक बनर्जी का किया बचाव
महुआ मोइत्रा ने इस दौरान टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर लगने वाले भाई-भतीजावाद के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मौका मिलने के बाद अभिषेक ने जमीन पर कड़ी मेहनत की है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है और आज वह राजनीति में जिस मुकाम पर हैं, अपनी मेहनत की बदौलत हैं। फिलहाल, बंगाल की राजनीति में दावों और बयानों का दौर जारी है और हर किसी की नजर आने वाले सियासी घटनाक्रम पर टिकी है।
