सिग्नल पर खड़े वाहनों में घुसी बेकाबू कार, 1 की मौत; 6 लोग घायल

मुंबई। उपनगरीय मलाड वेस्ट में एक अनियंत्रित कार द्वारा कई वाहनों को रौंदने का दर्दनाक मामला सामने आया है। रविवार रात ममलतदारवाड़ी-एसवी रोड जंक्शन पर हुए इस भीषण सड़क हादसे में 34 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति सहित छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की पूरी घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सिग्नल पर खड़े वाहनों को मारी जोरदार टक्कर

घटना रविवार रात करीब 8 बजे की है, जब ममलतदारवाड़ी और एसवी रोड के व्यस्त चौराहे पर लाल बत्ती होने के कारण कई वाहन रुके हुए थे। इसी दौरान मलाड सबवे की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने सिग्नल पर खड़ी एक मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद अनियंत्रित कार तीन ऑटो रिक्शाओं को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ी। भिड़ंत इतनी तीव्र थी कि कुछ ही पलों में चौराहे पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

दो बच्चों की मां और लॉ ग्रेजुएट महिला की मौत, पति उपचाराधीन

इस हादसे में बाइक सवार 34 वर्षीय प्रियंका सातरा की दर्दनाक मौत हो गई। वह कानून (लॉ) की स्नातक थीं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। दुर्घटना के समय प्रियंका अपने पति मयंक सातरा के साथ बाइक पर सवार थीं। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों की मदद से प्रियंका को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पति मयंक को रीढ़ की हड्डी और हाथ-पैर में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

ब्रेक की जगह दबा एक्सीलेटर; चालक को मिली जमानत

पुलिस ने कार चालक 70 वर्षीय कृष्णा चमनकर को मौके से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गाड़ी मोड़ते समय उससे भूलवश ब्रेक की बजाय एक्सीलेटर दब गया, जिससे कार अनियंत्रित हो गई। चिकित्सकीय जांच में चालक के रक्त में शराब की पुष्टि नहीं हुई। आरोपी को संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 15,000 रुपये के नकद मुचलके (कैश बॉन्ड) पर जमानत दे दी गई।

पीड़ित परिवार में आक्रोश, पुलिस पर विशेष व्यवहार का आरोप

हादसे के बाद शोकाकुल परिवार ने आरोपी चालक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर हिरासत के दौरान आरोपी को अनुचित रियायतें देने का आरोप भी लगाया है। इस पर पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपों की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और सच्चाई का पता लगाने के लिए थाने के आंतरिक सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है।

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