जहांगीर खान की पत्नी की गिरफ्तारी से गरमाई बंगाल की राजनीति, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

कोलकाता| पश्चिम बंगाल पुलिस को शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पिछले तीन दिनों से कानून की नजरों से बचकर भाग रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। रेजिना बीबी पर फाल्टा पुलिस थाने पर हुए हिंसक हमले और उपद्रव की मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड होने का संगीन आरोप है।
कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज, जिला अदालत में होगी पेशी
स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा टीएमसी नेता जहांगीर खान को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। अब उनकी पत्नी रेजिना बीबी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा और कस दिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के साथ-साथ आर्म्स एक्ट, 1959 (हथियार कानून) और एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884 (विस्फोटक अधिनियम) की कई गैर-जमानती और कड़क धाराओं के तहत मुकदमा कायम किया गया है। आधिकारिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस आरोपी महिला को दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
भारत-नेपाल बॉर्डर के पास खुफिया ठिकाने पर दी गई दबिश
राज्य पुलिस के एक आला अधिकारी ने इस बड़े ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने एक साझा खुफिया इनपुट के आधार पर भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित एक गुप्त ठिकाने पर छापेमारी की। इसी ठिकाने से रेजिना बीबी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा फाल्टा पुलिस थाने पर हमला करने और कस्टडी से जहांगीर खान को अवैध रूप से छुड़ाने की इस हिंसक कोशिश के मामले में अब तक गिरफ्तार होने वाले उपद्रवियों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
थाने को घेरने और धावा बोलने के लिए बुलाई गई थी सीक्रेट मीटिंग
प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश और पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सरकारी अमले और पुलिस स्टेशन पर हमला करने की पूरी रूपरेखा सोमवार को एक गुप्त स्थान पर आयोजित बैठक में तैयार की गई थी। जांच अधिकारियों का आरोप है कि यह सीक्रेट मीटिंग स्वयं रेजिना बीबी ने बुलाई थी। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "इस गुप्त बैठक में बकायदा रणनीति तय की गई थी कि पार्टी समर्थक और उपद्रवी फाल्टा पुलिस स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर एक चिन्हित जगह पर इकट्ठा होंगे। इसके बाद भारी भीड़ के साथ सुनियोजित और संगठित तरीके से थाने पर धावा बोलकर कानून को हाथ में लिया जाएगा और जहांगीर खान को बलपूर्वक लॉकअप से भगाया जाएगा।"
दोषियों की संपत्ति होगी कुर्क, नीलाम करके वसूला जाएगा हर्जाना: मुख्यमंत्री
इस बीच, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन पर हुए इस दुस्साहसिक हमले में शामिल सभी दंगाइयों और आरोपियों की निजी संपत्तियों को चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि इन संपत्तियों को तुरंत जब्त (कुर्क) कर उनकी सार्वजनिक नीलामी की जाए और उससे मिलने वाले राजस्व से सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की पाई-पाई वसूली जाए।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा, "फाल्टा की इस बेहद गंभीर घटना को लेकर दंगाइयों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की उन कठोर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें देश-विरोधी और संप्रभुता को चुनौती देने वाली गतिविधियों के प्रावधान शामिल हैं। हमारी सरकार न केवल इन अपराधियों को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित करेगी, बल्कि इनकी संपत्तियां बेचकर सरकारी नुकसान का पूरा हर्जाना भी इन्हीं से वसूल करेगी।"
