कांग्रेस के खिलाफ BJP का अभियान, ‘वंदे मातरम्’ को बनाएगी बड़ा मुद्दा

नई दिल्ली: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर देश का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। कांग्रेस द्वारा राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो छंद ही गाए जाने के निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसके विरोध में बड़ा मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने राष्ट्रगीत के सम्मान, ऐतिहासिक महत्व और इसकी रक्षा के लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को इस गीत की गौरवशाली विरासत से रूबरू कराना होगा। साथ ही, भाजपा इस दौरान कांग्रेस के उस ऐतिहासिक फैसले की पृष्ठभूमि का भी पर्दाफाश करेगी, जिसके तहत आजादी से पूर्व वंदे मातरम् को दो छंदों तक सीमित कर दिया गया था।

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित

पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की प्रथम बैठक में राष्ट्रगीत की अस्मिता और उसकी ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए एक विशेष प्रस्ताव मंजूर किया गया। बैठक में 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस द्वारा लिए गए उस फैसले की सख्त शब्दों में आलोचना की गई, जिसमें वंदे मातरम् के प्रथम दो पंक्तियों को ही गाने की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू किया गया है। पारित प्रस्ताव में भाजपा ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक लाभ, तुष्टीकरण की मंशा और वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तुष्टीकरण और विभाजनकारी राजनीति का आरोप

बैठक के उपरांत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की आत्मा और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा गया कि 1937 के पुराने रुख को दोबारा अपनाकर राष्ट्रगीत को बांटने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के अनुसार, उस दौर में अपनाई गई तुष्टीकरण की इसी नीति ने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी थी और वर्तमान में भी वही ढांचा दोहराया जा रहा है।

युवाओं तक राष्ट्रवादी विचारधारा पहुंचाने का आह्वान

भाजपा मुख्यालय में आयोजित इस परिचयात्मक बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष नवीन ने पुराने और नए पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने और सोशल मीडिया के जरिए नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने के निर्देश दिए।

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