जींद रैली से पहले बम ब्लास्ट की धमकी, गुरुग्राम के स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल

गुरुग्राम। देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और प्रशासनिक भवनों को निशाना बनाने वाली एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। साइबर सिटी गुरुग्राम में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कई प्रतिष्ठित स्कूलों और सरकारी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। इस इनपुट के मिलते ही पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई और आनन-फानन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
चार प्रमुख ठिकानों और पीएम की रैली को उड़ाने की धमकी
सुरक्षा एजेंसियों को मिले इस धमकी भरे ई-मेल में गुरुग्राम के नामचीन एमिटी स्कूल, सालवन पब्लिक स्कूल, एयरफोर्स स्कूल और जिला मिनी सचिवालय को बम से उड़ाने का जिक्र किया गया था। इस सनसनीखेज ई-मेल में सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि आगामी 17 जुलाई को जींद में आयोजित होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को भी निशाना बनाने और वहां भीषण बम विस्फोट करने की सीधी चेतावनी दी गई है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में तुरंत की गई छुट्टी
जैसे ही इस धमकी की भनक पुलिस और स्कूल प्रशासनों को लगी, तुरंत हरकत में आते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। बच्चों और वहां तैनात कर्मचारियों की जान माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित परिसरों को आनन-फानन में पूरी तरह खाली कराया गया। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में तुरंत छुट्टी की घोषणा की गई और सभी छात्र-छात्राओं को बेहद सुरक्षित तरीके से उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर घर भेज दिया गया।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड का सघन सर्च ऑपरेशन
खतरे की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस की कई टीमें, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड तुरंत सभी चिन्हित ठिकानों पर पहुंच गए। सुरक्षा बलों ने पूरे मिनी सचिवालय और तीनों स्कूल परिसरों को अपने घेरे में ले लिया है। चप्पे-चप्पे पर गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्ध वस्तुओं की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
बांग्लादेशी आईपी एड्रेस से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय साजिश का कनेक्शन
इस पूरे मामले की शुरुआती तकनीकी जांच में साइबर सेल को एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल से साफ हुआ है कि यह धमकी भरा ई-मेल भारत से बाहर बांग्लादेश के एक आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करके भेजा गया था। इस इनपुट के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अब इसे एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के कोण से देख रही हैं और ई-मेल के मूल स्रोत तथा इसे भेजने वाले शरारती तत्वों या संगठनों तक पहुंचने के लिए तकनीकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
