BSP का कांग्रेस में विलय, पायलट को कमजोर करना चाहते हैं अशोक गहलोत- देवनानी

जयपुर. राजस्थान में बीएसपी पार्टी (BSP) के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस पार्टी (Rajasthan Congress) में विलय प्रदेश के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. बीएसपी प्रदेश प्रभारी जहां इन विधायकों पर ईमान बेचने का आरोप लगा रहे हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता इस विलय को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) के खिलाफ साजिश बता रहे हैं. पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता वासुदेव देवनानी (Vasundev devnani) ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की अंदरुनी कलह और डिप्टी सीएम को कमजोर करने के लिए गहलोत ने बीएसपी विधायकों को अपनी ओर शामिल किया है.

अंदरुनी कलह के चलते कांग्रेस ने उठाया ये कदम- देवनानी
पूर्व मंत्री देवनानी ने कहा कि बीएसपी के विधायकों की प्रदेश में पहले भी ऐसी फितरत रही है. कांग्रेस की अंदरुनी कलह जग जाहिर है. इसी के चलते इसबार बीएसपी विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया गया है. कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बाद गहलोत सचिन पायलट को नीचा दिखाना चाहते हैँ और उन्हें कमजोर करने के लिए बीएसपी के विधायकों को साथ जोड़ा है.
गहलोत सरकार ने लिया जुगाड़ का सहारा- पूनिया
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि कांग्रेस में अंतर्द्वंद है. इसके पीछे विधायकों का असंतोष है. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पहले से नाराज हैं. ऐसे में गहलोत सरकार ने बीएसपी विधायकों के रूप में जुगाड़ का सहारा लिया है.
ईमान बेचें तो क्या किया जा सकता है- बीएसपी प्रभारी
बीएसपी राजस्थान प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक ने कहा है कि मैं अभी जयपुर से बाहर लेकिन जिसे जाना था वो चले गए, अब क्या कर सकते हैं?. लेकिन इन लोगों ने अच्छा नहीं किया. हमारा तो बुरा किया ही अपना भी बुरा किया.अभी इनकी जितनी इज्जत थी वो अब नहीं रहेगी. कोई अपना ईमान बेचे तो क्या किया जा सकता है?
 

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