सपा विधायक के खिलाफ केस दर्ज, कंगना-सयानी पर आपत्तिजनक पोस्ट से बवाल

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह की तहरीर पर साइबर पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक आरके वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि विधायक ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महिला सांसदों को लेकर एक अमर्यादित और आपत्तिजनक पोस्टर साझा किया था।

इस विवादित पोस्ट के इंटरनेट पर वायरल होते ही जिले की राजनीति में उबाल आ गया, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आईटी एक्ट (Information Technology Act) की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 के तहत केस दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पोस्ट से भड़का राजनीतिक आक्रोश

सपा विधायक आरके वर्मा के सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किए गए पोस्टर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश है। इस विवादित पोस्टर में प्रधानमंत्री के साथ महिला सांसद कंगना रनौत और सयानी घोष की तस्वीरें शामिल थीं, जिस पर कथित रूप से बेहद अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणियां की गई थीं। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने इस कृत्य को सीधे तौर पर महिला सम्मान और देश के शीर्ष नेतृत्व के गरिमा के खिलाफ बताते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई।

साइबर सेल खंगाल रही है विधायक का आईपी एड्रेस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी से जांच में जुट गए हैं। क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) प्रशांत राज हुड्डा (IPS) ने बताया कि भाजपा नेता से प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर रानीगंज विधायक के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस की साइबर सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो इस पोस्ट की सत्यता, इसके सोर्स (स्रोत) और फेसबुक अकाउंट के आईपी एड्रेस (IP Address) की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है।

जनप्रतिनिधि की मर्यादा पर उठे सवाल, बढ़ीं मुश्किलें

एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और विधायक के स्तर से सोशल मीडिया पर मर्यादा लांघने के इस मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप अख्तियार कर लिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की अभद्र भाषा और पोस्ट को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल, पुलिस की एफआईआर और साइबर जांच की शुरुआत के बाद अब सपा विधायक आरके वर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं और विंध्य-अवध के इस राजनीतिक बेल्ट में इस मुद्दे पर चर्चाएं बेहद तेज हैं।

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