फिर राजस्थान की ओर चीता का रुख! कूनो से निकलकर करौली पहुंची मादा चीता ‘निर्वा’

करौली। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर मादा चीता 'निर्वा' एक बार फिर राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में पहुंच गई है। यह तीसरी बार है जब इस मादा चीता ने करौली के मंडरायल क्षेत्र में दस्तक दी है। वह गुरुवार को भी दरुरा के जंगल में सक्रिय देखी गई। मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभाग की संयुक्त टीमें उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

चंदेलीपुरा से दरुरा तक चीता की आवाजाही

मादा चीता की मौजूदगी मंगलवार रात सबसे पहले चंदेलीपुरा के जंगलों में दर्ज की गई थी। इसके बाद वह बुधवार को सरमथुरा क्षेत्र में पहुंच गई, जहां झाड़ियों में छिपी चीता का वनकर्मियों ने वीडियो भी बनाया। उप वन संरक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि वनकर्मियों की टीम उसकी सतत निगरानी कर रही है। कूनो नेशनल पार्क की विशेष टीम भी मंडरायल क्षेत्र में डटी हुई है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

निगरानी टीम के साथ छीना-झपटी का मामला दर्ज

चीते की ट्रैकिंग में लगे कूनो टीम के वन रक्षक आलोक प्रजापति ने 5 से 6 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ छीना-झपटी और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि निगरानी के दौरान कुछ लोगों ने टीम के साथ बदसलूकी करते हुए सरकारी वाहन की चाबी छीन ली। इससे पहले आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने ग्रामीणों द्वारा ट्रैकिंग टीम को बंधक बनाने और मारपीट का दावा किया था, हालांकि प्रशासन की ओर से बंधक बनाए जाने की अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है।

अन्य क्षेत्रों में भी दर्ज हुई चीतों की मूवमेंट

केवल करौली ही नहीं, बल्कि एक अन्य चीते की गतिविधि मध्य प्रदेश के गुना और राजस्थान के बारां जिले की सीमा पर दर्ज की गई है। इसके अलावा एक और चीता ग्वालियर के जंगलों में विचरण कर रहा है। दोनों राज्यों के वन विभाग की अलग-अलग टीमें अपने-अपने इलाकों में चीतों की लोकेशन पर लगातार ट्रैकिंग कर रही हैं।

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