CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की मां ने बयां किया दर्द, सरकार के रवैये पर जताई नाराजगी

मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली हवाई अड्डे पर रोके जाने के बाद उनकी माता अनीता दीपके का एक बेहद भावुक और तीखा बयान सामने आया है। अपने बेटे के खिलाफ की गई इस प्रशासनिक कार्रवाई पर गहरा दुख जताते हुए उन्होंने देश की व्यवस्था और सरकार पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए हैं।

माँ का छलका दर्द, सरकार पर उठाए सवाल

अभिजीत दीपके की माता अनीता दीपके ने अपनी गहरी संवेदना और नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उससे उन्हें बेहद पीड़ा पहुंच रही है। उनका साफ कहना था कि उनका बेटा देश और समाज के हित में सकारात्मक कार्य कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार द्वारा इस तरह की अनुचित कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है। उनके इस बयान में एक माँ की ममता, बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता और वर्तमान व्यवस्था के प्रति रोष साफतौर पर देखा जा सकता है।

आंबेडकर वादी लोग देंगे करारा जवाब

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अनीता दीपके ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश के आंबेडकर वादी और जागरूक नागरिक सरकार के इस मनमाने कदम का कड़ा जवाब देंगे। वे सरकार को उसके ऐसे कार्यों के उचित परिणाम दिखाएंगे। उनका यह तीखा बयान उस समय आया है जब अभिजीत दीपके और अन्य पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यों हुई कार्रवाई

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से विमान द्वारा दिल्ली पहुंचे थे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से ही उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ पार्टी के अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह सभी नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले एक प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की थी मांग

यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली थी, हालांकि पुलिस ने इस प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और प्रदर्शन से ठीक पहले नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

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