मुंबई में वंदे भारत के लिए ‘क्लीन स्वीप’: रेलवे ने हटाया अतिक्रमण, 45 झोपड़ियों पर चला बुलडोजर

मुंबई: मुंबई के महत्वपूर्ण वाडी बंदर यार्ड में वंदे भारत ट्रेनों के आधुनिक मेंटेनेंस डिपो के निर्माण की दिशा में मध्य रेलवे ने एक बड़ी बाधा पार कर ली है। अदालत के आदेशों का पालन करते हुए, रेलवे प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाकर दशकों पुराने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है। इससे अब वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव और सर्विसिंग के लिए प्रस्तावित परियोजना के काम में तेजी आएगी।

1. 45 झोपड़ियों और दो-मंजिला अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

हैनकॉक ब्रिज के पास बीडी चॉल क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में कुल 45 अवैध झोपड़ियों को जमींदोज कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यहाँ एक दो-मंजिला अवैध ढांचा भी कई वर्षों से रेलवे की बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमाए हुए था। तीन अर्थमूवर मशीनों और 60 से अधिक कर्मचारियों की मदद से बिना किसी कानूनी बाधा के इस अभियान को सफलता पूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान आरपीएफ और स्थानीय पुलिस का कड़ा पहरा रहा।

2. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया डिपो

यह जमीन वाडी बंदर यार्ड का हिस्सा है, जहाँ वंदे भारत ट्रेनों के लिए 5 नई स्टेबलिंग लाइन और 400 मीटर लंबा एक विशाल शेड बनाया जाएगा। इस शेड को 'ग्रीन बिल्डिंग' की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिसमें सोलर ट्यूब, वेंटिलेशन सिस्टम और पॉलीकार्बोनेट छत का इस्तेमाल होगा ताकि बिजली की बचत हो सके। साथ ही, ट्रेनों के अंडरफ्रेम की जांच के लिए विशेष मेंटेनेंस पिट्स और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नई एप्रोच रोड का निर्माण भी किया जाएगा।

3. परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजना

1882 में स्थापित ऐतिहासिक वाडी बंदर यार्ड अब भविष्य की हाई-स्पीड ट्रेनों का केंद्र बनेगा। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट का सिविल और सिग्नलिंग से जुड़ा करीब 17 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद अब मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों के टेंडर अंतिम चरण में हैं। जल्द ही यहाँ एक समर्पित सबस्टेशन भी स्थापित किया जाएगा ताकि ट्रेनों के रखरखाव में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

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