स्कूल बस और स्कॉर्पियो की भिड़ंत: लक्षिता की मौत से भड़का जनआक्रोश, सड़कों पर उतरे ग्रामीण

जोबनेर। स्कूल बस और स्कॉर्पियो की दर्दनाक भिड़ंत में 15 वर्षीय छात्रा लक्षिता कुमावत की मौत के बाद क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर आक्रोश भड़क उठा है। इस दुखद हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर निजी स्कूलों की चार बसों को रोककर जांच की और सुरक्षा मानकों की खुलेआम उड़ रही धज्जियों पर सख्त ऐतराज जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि बस संचालक क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भर रहे हैं।

42 सीटर बस में मिले 92 मासूम

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एक 42 सीटर बस को रोककर जांच की तो उसमें क्षमता से दोगुने से भी अधिक यानी 92 बच्चे सवार मिले। इसके अलावा कई वाहनों पर नियमानुसार आवश्यक 'बाल वाहिनी' का बोर्ड और पहचान चिह्न भी गायब पाया गया। हालांकि इन सभी आरोपों की जमीनी हकीकत प्रशासनिक जांच के बाद पूरी तरह साफ होगी, लेकिन इस लापरवाही ने स्कूली वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल दाग दिए हैं।

प्रशासन सख्त: जांच के लिए बनी विशेष कमेटी

गौरतलब है कि बीते 8 अगस्त को जोबनेर इलाके में बस और स्कॉर्पियो की जोरदार टक्कर में करीब 19 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल छात्रा लक्षिता कुमावत ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बढ़ते जनआक्रोश और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठती अंगुलियों को देखते हुए जोबनेर एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है।

 

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