INDIA गठबंधन में तकरार! CPM नेता ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन 'INDIA' की सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें करीब 25 राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस बैठक के दौरान कांग्रेस को अपने ही सहयोगी दलों की तीखी नाराजगी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई क्षेत्रीय नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रवैये और कांग्रेस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। सहयोगी दलों का मानना था कि कांग्रेस का समावेशी नेतृत्व न करना और एकतरफा फैसले लेना गठबंधन की एकजुटता को कमजोर कर रहा है।
डीएमके और नीतीश कुमार का उठा मुद्दा
बैठक में सबसे ज्यादा गरमा-गरमी तमिलनाडु की राजनीति और वहां के सत्ताधारी दल डीएमके (DMK) को लेकर हुई। माकपा (CPM) सांसद जॉन ब्रिटास ने कांग्रेस के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा डीएमके को नजरअंदाज कर अभिनेता विजय की पार्टी 'टीवीके' (TVK) के साथ नजदीकियां बढ़ाना एक तरह का विश्वासघात है। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि अतीत में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन जैसा ही व्यवहार जेडीयू नेता नीतीश कुमार के साथ भी किया गया था, जिसके चलते उन्होंने बाद में गठबंधन का साथ छोड़ दिया था। समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और वामपंथी दलों ने भी कांग्रेस की इस राजनीतिक शैली को गठबंधन के भविष्य के लिए नुकसानदेह बताया।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और सोनिया गांधी की चुप्पी
सहयोगी दलों की इस तीखी आलोचना और नाराजगी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि वे इन सभी आलोचनाओं को मुस्कुराकर स्वीकार करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी विपक्षी दलों से पुरानी बातें भूलकर एकजुट रहने की अपील की और कहा कि जनता के हक के लिए सड़क से लेकर संसद तक मिलकर संघर्ष करना होगा। इस पूरी बैठक के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वहां मौजूद रहीं, लेकिन उन्होंने चर्चा में कोई टिप्पणी नहीं की और केवल अन्य नेताओं की दलीलों को सुनती रहीं।
ममता बनर्जी का आक्रामक रुख और उद्धव ठाकरे की मौजूदगी
बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का बेहद आक्रामक रूप देखने को मिला। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है, इसलिए सभी दलों को मिलकर चुनाव आयोग का घेराव करना चाहिए। वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे शारीरिक रूप से अनुपस्थित रहे, लेकिन वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
अब हर दो महीने में होगी बैठक
बैठक के आखिरी दौर में सभी विपक्षी दलों ने आपस में तालमेल और संवाद की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस कमजोरी को दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया कि अब 'INDIA' गठबंधन के तमाम बड़े नेता हर दो महीने में अनिवार्य रूप से बैठक करेंगे। इसी कड़ी में गठबंधन की अगली बड़ी बैठक आने वाले अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
