कराची से साजिश टारगेट पर दिल्ली-मुंबई समेत 5 शहर

नई दिल्ली । एक बार फिर कराची के क्लिफ्टन का वाइट हाउस ऐक्टिव हो चुका है। मतलब साफ़ है कि आईएसआई के इशारे पर डी कंपनी फिर से सक्रिय हो चुकी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिस आतंकी मोड्यूल का पर्दाफाश किया है वो इसी तरफ़ इशारा कर रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने एक ऐसे खतरनाक आतंकी-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जिसकी साजिश दिल्ली और मुंबई में बड़े हमलों को अंजाम देने की थी। जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान में बैठे मुन्ना जागड़ा, यावर खान, शहजाद भट्टी और आमिर जट्ट नाम के चार हैंडलर ऑपरेट कर रहे थे। दरअसल, दिल्ली पुलिस को स्पेशल सेल को इस मोड्यूल के बारे में खुफिया जानकारी मिली, जिसके आधार पर सबसे पहले कुख्यात शूटर विजय डॉन को पुणे से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर झारखंड के साहिबगंज से एक और आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों सीधे पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। स्पेशल सेल के सीपी अनिल शुक्ला ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का एक अहम किरदार मुन्ना जगाड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार मुन्ना जागड़ा वही शख्स है, जिसने साल 2000 में छोटा राजन पर हमला किया था। बैंकॉक में सजा काटने के बाद वह पाकिस्तान चला गया और कराची से अपने नेटवर्क को ऑपरेट करने लगा। सूत्रों के मुताबिक, मुन्ना जगाड़ा की मौजूदा लोकेशन कराची बताई जा रही है। उसने अपने एक करीबी अंग कामी लामा जोकि नेपाल का रहने वाला है उसे दिल्ली भेजा था, जिसने इस मॉड्यूल को ना सिर्फ़ फाइनेंशियल बल्कि लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करवाया। जांच के दौरान आरोपियों के पास से चार हैंड ग्रेनेड बरामद हुए, जिन्हें बाद में एनएसजी ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया। इसके अलावा पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बने 25 जिंदा कारतूस और दो कॉपी ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की गई है। हथियारों की ये खेप ड्रोन के जरिए भारत भेजी गई थी। मतलब साफ़ है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और डी कंपनी ने साजिश के ट्रिगर को दबाने की तैयारी पूरी कर ली थी।
 

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