विदिशा में DJ संचालकों पर सख्ती, बिना अनुमति बजाया साउंड तो होगी कार्रवाई

विदिशा। त्योहारों के सीजन की शुरुआत के साथ ही डीजे और साउंड सिस्टम का प्रयोग काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए विदिशा पुलिस ने तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में कोतवाली थाना परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के डीजे संचालकों के बीच एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
तेज आवाज और नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन का कड़ा रुख
प्रशासन द्वारा यह बैठक लंबे समय से आम जनता से मिल रही शिकायतों के बाद बुलाई गई थी। तेज आवाज में बजने वाले डीजे से बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी साउंड सिस्टम तय डेसीबल सीमा के भीतर ही बजाए जाएंगे। किसी भी एक वाहन में चार से ज्यादा डीजे साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, बिना प्रशासनिक अनुमति या तय मानकों का उल्लंघन करके डीजे बजाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण अनिवार्य: हर डीजे वाहन की होगी नंबरिंग और मार्किंग
पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर आयोजित इस बैठक में एएसपी, एसडीएम, सिविल लाइन थाना प्रभारी और कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज सहित शहर के तमाम डीजे संचालक मौजूद रहे। बैठक के दौरान कोतवाली प्रभारी ने बताया कि व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है और थाना स्तर पर सभी संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब निर्धारित प्रोफार्मा के तहत सभी डीजे वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। पहचान आसान बनाने के लिए वाहनों की प्रॉपर नंबरिंग और मार्किंग की जाएगी। इसके अलावा, बाहरी जिलों या क्षेत्रों से आने वाले डीजे संचालकों के लिए भी विदिशा में प्रवेश से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य रहेगा।
जांच और मानकों को पूरा करने के बाद ही मिलेगी अनुमति
प्रशासन ने डीजे संचालकों को साफ कर दिया है कि तय किए गए सभी सुरक्षा और ध्वनि मानकों की जांच के बाद ही उन्हें डीजे संचालन की अंतिम अनुमति दी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए पुलिस की टीमें लगातार गश्त करेंगी।
