चुनाव याचिका निरस्त करने की मांग खारिज, भूपेश बघेल की अर्जी पर कोर्ट का फैसला

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को बड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने दुर्ग लोकसभा चुनाव 2024 से संबंधित याचिका पर भूपेश बघेल की प्रारंभिक आपत्ति अर्जी को खारिज कर दिया है।

अदालत के इस फैसले के बाद भाजपा सांसद विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका खारिज नहीं होगी और इस पर नियमित न्यायिक प्रक्रिया व साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही जारी रहेगी।

क्या था भूपेश बघेल का आवेदन?

दुर्ग से भाजपा सांसद विजय बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है:

  • आदेश 7 नियम 11 के तहत अर्जी: भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 7 नियम 11 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) का हवाला देते हुए याचिका को शुरुआती स्तर पर ही निरस्त करने की मांग की गई थी।

  • भूपेश बघेल का तर्क: उनके वकीलों ने तर्क दिया था कि याचिका में कार्रवाई का कोई स्पष्ट वैधानिक आधार नहीं है और यह आवश्यक कानूनी शर्तों को पूरा नहीं करती।

  • कोर्ट का रुख: दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने भूपेश बघेल की इस प्रारंभिक आपत्ति को खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

इससे पहले अगस्त 2026 में यह कानूनी विवाद सर्वोच्च न्यायालय भी पहुंचा था:

  • शीर्ष अदालत का रुख: भूपेश बघेल की विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय की सुनवाई में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया था।

  • साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया: 10 सितंबर को याचिकाकर्ता विजय बघेल और उनके गवाह साक्ष्य दर्ज कराने कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन आवेदन दायर होने के कारण प्रक्रिया टल गई थी।

साक्ष्य दर्ज करने का रास्ता साफ

उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद अब मामले में साक्ष्य दर्ज करने और गवाहों के बयानों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। याचिका के अंतिम निर्णय को लेकर सुनवाई तय समय-सारणी के अनुसार जारी रहेगी।

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