Dharmendra बोले- पहले पता होता बेटे Sunny Deol को जाखड़ के खिलाफ लड़ना है तो मना कर देतेे

बेटे Sunny Deol के लिए प्रचार करने गुरदासपुर पहुंचे Dharmendra ने कहा कि हम नेता नहीं, सेवक बनकर लोगों की सेवा करने आए हैं। अगर पहले पता होता कि सनी के खिलाफ बलराम जाखड़ के बेटे सुनील जाखड़ चुनाव लड़ रहे हैं तो शायद हम मना कर देते।
प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम यहां भाषण देने नहीं, बल्कि लोगों के दर्द को समझने आए हैं, ताकि इसे दूर किया जा सके। बोले, 'मैंने बीकानेर में पांच साल में वह काम करके दिखाए जो पहले 50 साल में नहीं हुए थे। बीकानेर से चुनाव लड़ने से पहले भाजपा ने पटियाला से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन मैंने देखा कि उस सीट पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर चुनाव लड़ रही हैं। वह उनका बहुत सम्मान करते हैं और परनीत कौर उनकी बहन की तरह है। इसलिए मैंने वहां से चुनाव लड़ने के लिए मना कर दिया।'
धर्मेंद्र ने आगे कहा कि उन्हें लुधियाना से भी चुनाव लड़ने के लिए कहा गया, लेकिन वहां से चुनाव मैदान में उतरे ढिल्लों ने कहा कि वह भाई बनकर यहां से चुनाव न लड़े। इसके बाद उन्होंने पंजाब से चुनाव लड़ने का ख्याल ही छोड़ दिया। आज वह और उनका बेटा गुरदासपुर के लोगों का दर्द समझने और उसे दूर करने के लिए आए हैं। जिन लोगों ने उन्हें यहां भेजा, वह उनसे वादा लेकर आए हैं।
बता दें कि अपने जमाने के दिग्गज कांग्रेस नेता बलराम जाखड़ व अभिनेता धर्मेंद्र की बहुत मधुर संबंध रहे हैं। वे एक-दूसरे को भाई मानते थे और कई बार इस रिश्ते की गहराई दिखी थी। वर्ष 1991 में बलराम जाखड़ ने सीकर (राजस्थान) से चुनाव लड़ा तो उनके चुनाव प्रचार के लिए सिने स्टार धर्मेंद्र भी पहुंचे थे। 13 साल बाद 2004 में बलराम जाखड़ को कांग्रेस ने राजस्थान की चुरू सीट सेे लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा।
भारतीय जनता पार्टी बलराम जाखड़ के खिलाफ धर्मेंद्र को चुनाव मैदान में उतारना चाहती थी। लेकिन, धर्मेंद्र ने यह कहते हुए मना कर दिया कि बलराम जाखड़ उनके बड़े भाई हैं। उनके सामने वह नहीं उतरेंगे। इसके बाद भाजपा ने उनको बीकानेर से उतारा। जहां से उन्होंने कांग्रेस के रामेश्वर लाल को 57,175 वोटों से हरा दिया। बलराम जाखड़ भी चुरु से 29,854 वोटों से हार गए।
अब वक्त ने एक बार फिर से करवट ली है। बलराम जाखड़ और धर्मेंद्र की नई पीढ़ी चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। बलराम जाखड़ के बेटे सुनील जाखड़ गुरदासपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से सनी देयोल को मैदान में उतारा है। भाजपा गुरदासपुर से हर हाल में जीतना चाहेगी। फिल्म स्टार विनोद खन्ना ने चार बार भाजपा की टिकट पर यहां से जीत हासिल की थी।
सनी के रोड शो में नहीं हुए शामिल
दो दिन पूर्व ही पंजाब पहुंचे चुके धर्मेंद्र शनिवार को सनी देयोल के रोड शो में नहीं गए। उनके गुरदासपुर पहुंचने पर कयास लगाए जा रहे थे कि वह उनके शो में शामिल हो सकते हैं, लेकिन सनी अकेले ही प्रचार करते दिखे। हालांकि धर्मेंद ने लगातार बोलने से बच रहे व राजनीति से असहज दिख रहे सनी देयोल के लिए कई मीडिया कर्मियों को इंटरव्यू देकर सनी की हवा बनाने की कोशिश जरूर की।
