क्या सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच हुई बातचीत? संसद मार्च से पहले दावे ने बढ़ाई हलचल

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सीजेपी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उनसे संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है, हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सीजेपी लंबे समय से पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलनरत है, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी उनका समर्थन कर रहे हैं।

सरकार के साथ संवाद और सीजेपी का रुख

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इस संबंध में कहा कि प्रशासन की ओर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह पहल काफी देरी से हुई है, लेकिन पार्टी सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि अभी सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं मिला है और गेंद अब उन्हीं के पाले में है। सोनम वांगचुक का अनशन फिलहाल जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए शांतिपूर्ण मार्च की रूपरेखा तैयार की है।

संसद मार्च के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था

संसद के मानसून सत्र और सीजेपी के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (धारा 144 जैसा प्रतिबंध) लागू कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और शर्तें

सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाएं। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र साझा करते हुए तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। उनका मानना है कि यदि संसद में यह मुद्दा मजबूती से गूंजता है और सुधार की दिशा में सार्थक कदम उठाए जाते हैं, तो उनके अनशन का उद्देश्य पूर्ण हो जाएगा।

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