दिग्विजय के समर्थक का बड़ा कदम, इस्तीफा देकर मीनाक्षी नटराजन का विरोध

भोपाल: मध्यप्रदेश की राज्यसभा राजनीति में उस समय अचानक हलचल तेज हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीसरी सीट के लिए भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया। बीजेपी के इस अप्रत्याशित कदम से राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है और कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की आशंकाएं गहरा गई हैं। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए कर्नाटक या तेलंगाना भेजने की तैयारी कर रही है। इस भारी गहमागहमी और तनाव के बीच कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई कांग्रेसी विधायक एकजुटता दिखाने मौजूद रहे।

वरिष्ठ नेता के इस्तीफे से कांग्रेस में खलबली

एक तरफ जहां कांग्रेस बाहरी चुनौतियों से निपटने की रणनीति बना रही है, वहीं पार्टी को भीतर से भी एक बड़ा झटका लगा है। मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में भोपाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नरेश ज्ञानचंदानी को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बेहद करीबी और समर्थक माना जाता है। वे भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके इस तरह अचानक बागी रुख अपनाने और इस्तीफा देने से कांग्रेस के भीतर भारी खलबली मच गई है।

नामांकन के दौरान दिखी कांग्रेस नेताओं की अतिरिक्त सतर्कता

विधानसभा में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र दाखिल करवाये जाते समय कांग्रेस के शीर्ष नेता बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे थे और उनकी अतिरिक्त सतर्कता साफ दिखाई दे रही थी। किसी भी तरह की चूक या गड़बड़ी से बचने के लिए खुद प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कमान संभाली। उन्होंने अपनी निगरानी में सभी विधायकों को एक-एक कर रिटर्निंग ऑफिसर के पास भेजा ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी तकनीकी या राजनैतिक बाधा के संपन्न हो सके।

वैचारिक लड़ाई में विधायकों की एकजुटता का दावा

नामांकन पत्र जमा करने के बाद कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत की। उन्होंने बीजेपी द्वारा पैदा की गई चुनौती पर खुलकर अपनी बात रखी। नटराजन ने कहा कि यह केवल संख्या बल का चुनाव नहीं बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं की लड़ाई है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी इस राजनैतिक मुकाबले को मजबूती से जीतकर सामने आएगी।

बीजेपी के पास संख्या बल की कमी का आरोप

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और लोकतंत्र की हत्या की कोशिश करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी के पास तीसरा राज्यसभा सांसद बनाने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने अपने उम्मीदवार का नामांकन दाखिल कराया है। पटवारी के मुताबिक, बीजेपी के पास जीत के आंकड़े से 8 से 10 विधायक कम हैं, फिर भी वे अनुचित तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

बीजेपी को सबक सिखाने का संकल्प

जीतू पटवारी ने बीजेपी की रणनीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में लोकतंत्र का चीरहरण करना चाहते हैं, लेकिन उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे क्योंकि कांग्रेस के सभी विधायक चट्टान की तरह एकजुट हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे अपनी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन को हर हाल में चुनाव जिताकर राज्यसभा भेजेंगे और इस तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वाली बीजेपी को एक बड़ा सबक सिखाएंगे।

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