19 लाख रुपये के टिन शेड पर विवाद, DMF राशि के इस्तेमाल को लेकर घिरी व्यवस्था

दुर्गूकोंदल। जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (DMF) के बजट आवंटन और उपयोग को लेकर 'जागरूक युवा मंच' ने कड़ा विरोध जताया है। मंच के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में स्वीकृत किए जा रहे लाखों रुपये के टिन शेड निर्माण कार्यों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लगभग 19-19 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किए जा रहे टिन शेड निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना है। युवाओं का तर्क है कि जनता के विकास के लिए निर्धारित इस निधि का प्रयोग कम प्राथमिकता वाले कार्यों के बजाय क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताओं पर होना चाहिए।

शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र के उत्थान के लिए फंड के प्रयोग का सुझाव

ज्ञापन के माध्यम से मंच ने मांग की है कि टिन शेड निर्माण के स्थान पर डीएमएफ की राशि का उपयोग जर्जर हो चुके प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आश्रम-छात्रावासों के जीर्णोद्धार में किया जाए। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण व जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है। मंच ने यह सुझाव भी दिया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में गणित तथा अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी इसी मद से राशि स्वीकृत की जानी चाहिए।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं निष्पक्ष जांच की मांग

जागरूक युवा मंच ने स्पष्ट किया कि जिला खनिज संस्थान न्यास निधि की प्राथमिकता का मुख्य केंद्र शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचों का विकास होना चाहिए। संगठन ने शासन से मांग की है कि पूर्व में स्वीकृत टिन शेड निर्माण कार्यों की पुनः समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की व्यवस्था स्थापित की जाए।

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