किरोड़ी के पत्र पर डोटासरा का पलटवार, बोले- हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका याचिका

जयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित रीट-2021 पेपर लीक प्रकरण को लेकर राज्य की सियासत एक बार फिर से पूरी तरह गरमा गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक औपचारिक पत्र लिखकर रीट परीक्षा समेत पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान आयोजित हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। मंत्री के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और एक बार फिर पुराना मामला सुर्खियों में आ गया है।
हाईकोर्ट द्वारा पहले खारिज की जा चुकी है सीबीआई जांच की जनहित याचिका
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए उस फैसले की चर्चा भी जोर-शोर से शुरू हो गई है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग को ठुकरा दिया गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बनाम राजस्थान राज्य मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 27 मार्च 2025 को सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। उस दौरान अदालत में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह पक्ष रखा गया था कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पहले से ही राजस्थान पुलिस की विशेष जांच इकाई यानी एसओजी (SOG) द्वारा बेहद प्रभावी तरीके से की जा रही है।
एसओजी की जांच से संतुष्ट थी सरकार, कांग्रेस नेताओं की भूमिका की जांच की मांग
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा था कि वह एसओजी की अब तक की जांच से पूरी तरह संतुष्ट है और इस मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अब कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद यह मुद्दा नए सिरे से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। मंत्री ने अपनी चिट्ठी में रीट पेपर लीक मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई अन्य कांग्रेसी नेताओं और राजीव गांधी स्टडी सर्किल से जुड़े लोगों की कथित संलिप्तता की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई है।
डोटासरा का पलटवार, कहा- सरकार के पास अधिकार है, कार्रवाई क्यों नहीं करती
किरोड़ी लाल मीणा की इस चिट्ठी और केंद्रीय जांच की मांग पर कड़ा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री अपने काले कारनामों और खुद की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए ईमानदार लोगों पर बेबुनियाद आरोप मढ़ रहे हैं। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार को सत्ता में आए काफी समय हो चुका है और सरकार के पास किसी भी मामले की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के पूर्ण अधिकार हैं, इसलिए यदि उनके पास कोई ठोस सबूत हैं तो वे कार्रवाई करने से पीछे क्यों हट रहे हैं।
