मराठवाड़ा में सूखे का कहर, फसलें तबाह; किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट

मुंबई। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित धाराशिव जिले के तोड़वाले बाजार में जनजीवन बेहद विकट स्थिति से गुजर रहा है। हालत यह है कि स्थानीय लोगों के लिए रोजमर्रा की आजीविका चलाना और दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी दूभर हो गया है। आमतौर पर त्योहारों के दौरान जिन बाजारों में रोनक रहती थी, वहां इस बार पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। आसपास के 10 गांवों की जरूरतों को पूरा करने वाले इस साप्ताहिक बाजार में बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं।

अल नीनो और भीषण सूखे की मार

धाराशिव जिला मराठवाड़ा के उन क्षेत्रों में शामिल है जो राज्य में पड़े अब तक के सबसे भीषण सूखे की चपेट में हैं। 'अल नीनो' (El Niño) के प्रभाव से हुई कम बारिश के कारण महाराष्ट्र का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा (358 में से 304 तालुका) गंभीर सूखा झेल रहा है।

किसानों और व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट

बारिश न होने और फसलें चौपट होने से स्थानीय लोगों की क्रय शक्ति पूरी तरह समाप्त हो गई है। इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। त्योहारों का समय होने के बावजूद खरीदारी न होने से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की आर्थिक कमर टूट गई है।

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