इमरजेंसी में रामबाण: बाजार का पैकेट भूल जाइए! डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ऐसे बनाएं घर पर ‘होममेड ORS’

भीषण गर्मी, लू के थपेड़ों, दस्त (डायरिया) या अत्यधिक उल्टी होने की स्थिति में मानव शरीर से पानी और जरूरी लवणों का स्तर बहुत तेजी से गिर जाता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिहाइड्रेशन कहा जाता है, जिससे निपटने के लिए ओआरएस (ORS – ओरल रीहाइड्रेशन साल्ट) का घोल सबसे अचूक और जीवनरक्षक उपाय माना जाता है। वैसे तो बाजार में ओआरएस के रेडीमेड पैकेट आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन हर बार इन्हें दुकान से खरीदना जेब पर भारी पड़ने के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में समय भी खराब करता है।

राहत की बात यह है कि डब्ल्यूएचओ (WHO) के मानकों के अनुरूप आप इस घोल को बेहद कम खर्च में अपने घर पर भी तैयार कर सकते हैं। सही माप और शुद्धता के साथ घर पर बनाया गया ओआरएस पूरी तरह सुरक्षित होता है और शरीर में खनिजों की कमी को तुरंत दूर करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने का सटीक तरीका और इसके जादुई फायदे।

घरेलू ओआरएस बनाने की सटीक मात्रा और आसान विधि

आवश्यक सामग्री:

  • साफ या उबला हुआ ठंडा पानी: 1 लीटर

  • चीनी: 6 छोटे चम्मच (तकरीबन 30 ग्राम)

  • नमक: आधा छोटा चम्मच (तकरीबन 3 ग्राम)

बनाने के सरल स्टेप्स:

  1. सबसे पहले एक लीटर पीने के पानी को अच्छी तरह उबाल लें और फिर उसे सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें।

  2. अब इस पानी को किसी पूरी तरह साफ किए गए बर्तन, जग या कांच की बोतल में पलट लें।

  3. इस पानी में निर्धारित मात्रा के अनुसार 6 छोटे चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक डालें।

  4. चम्मच की मदद से इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह हिलाते रहें, जब तक कि नमक और चीनी पानी में पूरी तरह विलीन (घुल) न हो जाएं।

  5. आपका घरेलू जीवनरक्षक घोल तैयार है, इसे पीड़ित व्यक्ति को थोड़ी-थोड़ी देर में घूंट-घूंट करके पिलाते रहें।

कमजोरी दूर करने से लेकर हीट स्ट्रोक से बचाने तक, ओआरएस के फायदे

शरीर में पानी का स्तर दुरुस्त करने के अलावा ओआरएस का यह संतुलित घोल सोडियम, पोटैशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को फौरन पटरी पर लाता है। गर्मियों में जब तेज धूप और पसीने के कारण चक्कर आना, कमजोरी या आंखों के आगे अंधेरा छाने जैसी दिक्कतें होती हैं, तब यह घोल इंस्टेंट एनर्जी (तुरंत ऊर्जा) देने का काम करता है। भीषण गर्मी के दिनों में इसका नियमित सेवन 'हीट स्ट्रोक' या लू लगने के खतरे को बेहद कम कर देता है। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों में, जिनमें पानी की कमी बहुत जल्दी जानलेवा स्तर तक पहुंच सकती है, यह घोल किसी सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बीमारी के बाद शरीर की तेजी से रिकवरी (सुधार) सुनिश्चित करता है।

घोल का इस्तेमाल करते समय इन जरूरी सावधानियों का रखें ध्यान

ओआरएस का उपयोग करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घर पर तैयार किए गए इस घोल को 24 घंटे से अधिक समय तक स्टोर करके न रखें। यदि 24 घंटे बाद भी घोल बच जाता है, तो उसे फेंक दें और नया घोल तैयार करें। नमक और चीनी के अनुपात में अपनी मर्जी से कोई बदलाव न करें, क्योंकि कम या ज्यादा मात्रा सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। घोल बनाने के लिए हमेशा पूरी तरह कीटाणुरहित और उबले हुए पानी का ही प्रयोग करें। इसके साथ ही यह ध्यान रखें कि यदि मरीज की उल्टी या दस्त की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो और ओआरएस देने के बाद भी सुधार न दिख रहा हो, तो बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।

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