महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराया

आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां मेजबान इंग्लैंड की महिला टीम ने अपनी ऐतिहासिक सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। प्रतिष्ठित 'द ओवल' मैदान पर खेले गए टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रनों से शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने कप्तान नेट शीवर-ब्रंट और पूर्व कप्तान हीदर नाइट की बेहतरीन अर्धशतकीय पारियों की बदौलत निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 169 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में रनों के दबाव के आगे दक्षिण अफ्रीकी टीम बिखर गई और 20 ओवर में 8 विकेट खोकर महज 129 रन ही बना सकी। अब खिताबी जंग में इंग्लैंड का सामना 5 जुलाई (रविवार) को छह बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा।
शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की रिकॉर्डतोड़ वापसी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद निराशाजनक और झटकेदार रही। टीम ने महज 35 रनों के कुल स्कोर पर अपने तीन शीर्ष और इन-फॉर्म बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। सलामी बल्लेबाज एमी जोन्स, डैनी व्याट-हॉज और एलिस कैप्सी अफ्रीकी गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के आगे सस्ते में पवेलियन लौट गईं। दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल और मारिजन काप ने नई गेंद से धारदार गेंदबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया था।
संकट के इस दौर में कप्तान नेट शीवर-ब्रंट और अनुभवी बल्लेबाज हीदर नाइट ने मोर्चा संभाला। दोनों ने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स खेलते हुए चौथे विकेट के लिए 133 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी कर डाली। यह महिला टी20 विश्व कप के नॉकआउट इतिहास में चौथे विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी और रिकॉर्ड पार्टनरशिप है।
कप्तानी पारियों से खड़ा हुआ 169 रनों का पहाड़
हाल ही में चोट से उबरकर वापसी कर रही कप्तान नेट शीवर-ब्रंट ने कप्तानी पारी खेलते हुए महज 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। दूसरे छोर पर हीदर नाइट ने भी अपनी क्लास दिखाई और शानदार अर्धशतक जड़कर टीम को ड्राइविंग सीट पर ला खड़ा किया। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की स्पिनर एन. म्लाबा ने 19वें ओवर में वापसी करते हुए इन दोनों सेट बल्लेबाजों को लगातार गेंदों पर आउट कर इंग्लैंड की रनगति पर थोड़ा अंकुश जरूर लगाया, लेकिन तब तक इंग्लैंड की टीम 169 रनों के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंच चुकी थी।
रनचेज में बेअसर रही दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी
170 रनों के बड़े और मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत तो संभली हुई रही, लेकिन रनरेट के बढ़ते दबाव के कारण टीम नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाती रही। इन-फॉर्म कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट इस नॉकआउट मैच में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं और लिन्से स्मिथ की गेंद पर अपना विकेट दे बैठीं। सलामी बल्लेबाज ताजमिन ब्रिट्स ने एक छोर संभालकर अकेले संघर्ष किया और जुझारू अर्धशतक जड़ा, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी मध्यक्रम के बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला। ब्रिट्स के आउट होते ही दक्षिण अफ्रीका की जीत की बची-खुची उम्मीदें भी पूरी तरह समाप्त हो गईं।
इंग्लिश गेंदबाजों और फील्डर्स का दमदार शो
इंग्लैंड की जीत में गेंदबाजों के साथ-साथ फील्डर्स की भी बड़ी भूमिका रही। तेज गेंदबाज लॉरेन बेल और स्पिनर चार्ली डीन ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को बांधकर रखा और 2-2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इसके अलावा सोफी एक्लेस्टोन और लिन्से स्मिथ ने भी किफायती गेंदबाजी की। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने बाउंड्री लाइन पर कई बेहतरीन कैच लपके और चुस्त फील्डिंग की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को 20 ओवर में 129/8 के स्कोर पर रोककर फाइनल का टिकट अपने नाम कर लिया।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11 इस प्रकार थी:
इंग्लैंड: नेट शीवर-ब्रंट (कप्तान), एमी जोन्स (विकेटकीपर), डैनी व्याट-हॉज, एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डेनिएल गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिन्से स्मिथ, लॉरेन बेल।
दक्षिण अफ्रीका: लॉरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), ताजमिन ब्रिट्स, एनेरी डर्कसन, सुने लुस, मारिजन काप, नादिन डी क्लार्क, क्लो ट्रायॉन, शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, एन. म्लाबा।
