आबकारी विभाग सख्त, महंगी शराब बिक्री पर उप निरीक्षक निलंबित; जिला अधिकारी को नोटिस

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शराब दुकानों पर मनमानी कीमतें वसूलने वाले कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों पर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अनियमितता की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने एक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया है और जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
औचक निरीक्षण में खुली धांधली
दुर्ग संभाग के उड़नदस्ता दल ने जिले की विभिन्न शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने सादे कपड़ों में ग्राहकों को खरीदारी के लिए भेजकर कीमतों की वास्तविकता की जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई दुकानों पर निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही थी।
लखोली और रेवाडीह की दुकानों में अनियमितता
विभागीय जांच में मुख्य रूप से दो स्थानों पर गड़बड़ी सामने आई:
लखोली: मंडी बाइपास स्थित दुकान पर 120 रुपये प्रति बोतल वाली 'जम्मू स्पेशल व्हिस्की' की 20 बोतलों के लिए ग्राहकों से 2,500 रुपये लिए गए, जबकि इनका सही मूल्य 2,400 रुपये था।
रेवाडीह: यहाँ की कंपोजिट शराब दुकान पर 'सुप्रीम डीलक्स व्हिस्की' के 20 पाव तय दाम से 100 रुपये अधिक में बेचे जा रहे थे।
अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने इस मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए जिम्मेदारी तय की है:
निलंबन: रेवाडीह क्षेत्र के वृत्त प्रभारी एवं आबकारी उप निरीक्षक दिलीप कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि यह उनके क्षेत्र में प्रशासनिक नियंत्रण की विफलता को दर्शाता है।
नोटिस: जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा को प्रभावी निगरानी न रख पाने और प्रशासनिक लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर अपना जवाब सौंपने का निर्देश दिया गया है।
भविष्य के लिए चेतावनी
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों पर 'ओवररेटिंग' (तय मूल्य से अधिक वसूली) किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी दुकानों की निरंतर निगरानी की जाएगी और यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नियमों के विरुद्ध कार्य करते हुए पाया गया, तो उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
