कतर गैस प्लांट में विस्फोट का कहर, भारतीय नागरिक भी चपेट में

दोहा। कतर के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित गैस प्रसंस्करण संयंत्र (गैस प्रोसेसिंग प्लांट) में एक भीषण विस्फोट होने से बड़ा हादसा हो गया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की मौत हो गई है, जबकि बहुत बड़ी संख्या में श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना जोरदार था कि इसके तुरंत बाद पूरे प्लांट परिसर में भीषण आग फैल गई, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
बचाव कार्य जारी, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका
हादसे की सूचना मिलते ही कतर के स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय प्लांट के अंदर भारी संख्या में मजदूर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। यही वजह है कि इस हादसे में हताहतों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई श्रमिकों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
भारतीय दूतावास ने शुरू की मदद
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि मलबे से निकाले गए मृतकों में कुछ भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, अभी कतर प्रशासन की ओर से सभी मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान (नाम और पते) उजागर करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, कतर स्थित भारतीय दूतावास ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि वे कतर के स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और प्रभावित भारतीय मूल के श्रमिकों व उनके परिवारों को हर संभव कूटनीतिक और चिकित्सीय सहायता पहुंचाई जा रही है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच के आदेश
इस भीषण हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों ने घटनास्थल को अपने घेरे में लेकर बारीकी से निरीक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि प्लांट की पाइपलाइन में हुए किसी बड़े गैस रिसाव (लीकेज) के कारण यह धमाका हुआ होगा, लेकिन इसकी पूरी तरह से आधिकारिक पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इस भयंकर औद्योगिक दुर्घटना ने कतर के कारखानों में लागू होने वाले सुरक्षा मानकों (सेफ्टी प्रोटोकॉल) पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है।
