सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह समेत तीन पर FIR, पुलिसकर्मी से कथित मारपीट का मामला
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नई दिल्ली (दिल्ली)। नई दिल्ली में ड्यूट पर तैनात एक हेड कांस्टेबल के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के गंभीर मामले में स्थानीय थाने में एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज, तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जरनैल सिंह तथा अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज किया गया है। उन पर पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने और उसके शासकीय कर्तव्य तथा सरकारी काम में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, इस प्रकरण में साहिब सिंह के खिलाफ भी एक पृथक मामला दर्ज किया गया है।
अरविंद केजरीवाल के दौरे के दौरान हुआ था हेड कांस्टेबल पर हमला
दिल्ली पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह घटना उस समय घटित हुई जब आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल गत दिवस तिलक नगर के दौरे पर गए हुए थे। उस दौरान दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल सादे वस्त्रों में सुरक्षा व्यवस्था और स्थिति की वीडियोग्राफी रिकॉर्ड कर रहा था। तभी अचानक आम आदमी पार्टी के समर्थकों और भीड़ ने उसे घेर लिया।
आप नेताओं और कार्यकर्ताओं पर सरकारी काम में बाधा का आरोप
भीड़ द्वारा घेराव के बाद हेड कांस्टेबल पर भौतिक हमला किया गया। इस घटना के उपरांत पीड़ित हेड कांस्टेबल का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने नामजद आप नेताओं एवं समर्थकों के विरुद्ध लोक सेवक को उसके आधिकारिक दायित्व के निर्वहन से रोकने, सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने तथा मारपीट करने से जुड़ी सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।
घटना से एक दिन पूर्व सौरभ भारद्वाज को लिया गया था हिरासत में
उल्लेखनीय है कि इस घटना से ठीक एक दिन पूर्व, गत सोमवार को दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज तथा पार्टी के कई अन्य विधायकों व पार्षदों को एहतियातन हिरासत में ले लिया था। यह पुलिसिया कार्रवाई विकासपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर उस वक्त की गई थी, जब आप नेता दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा के विरुद्ध तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे।
यह सारा विवाद हाल ही में क्षेत्र में हुए सड़क निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के खुलासे और उसके पश्चात उपजे राजनीतिक हंगामे से जुड़ा है। सौरभ भारद्वाज के दावों के अनुसार, आप विधायक जरनैल सिंह ने मीडिया के कैमरों के समक्ष सड़क के एक हिस्से को अपने हाथों से उखाड़कर घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और जनता के धन के गबन का भंडाफोड़ किया था। भारद्वाज का यह भी आरोप है कि इस खुलासे से बौखलाए मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैमरामैन पर हमला बोला, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे थप्पड़ जड़ा। इसके साथ ही उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े भौतिक साक्ष्यों को नष्ट करने का भी गंभीर प्रयास करने का आरोप लगाया गया है।
'दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं'
विकासपुरी थाने के बाहर चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान आक्रामक तेवर दिखाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कड़े शब्दों में कहा कि घटना को दो दिन से अधिक का समय बीत चुका है, किंतु अब तक मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने दावा किया कि इससे स्पष्ट रूप से यह जाहिर होता है कि सत्तारूढ़ दल डरा हुआ है कि यदि आम जनता ने अपनी आँखों के सामने हर गली और मोहल्ले की सड़कों में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखना शुरू कर दिया, तो लोग स्वयं पोल खोल देंगे।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका यह विरोध प्रदर्शन यहीं समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किया गया, तो पार्टी के सभी कार्यकर्ता सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के चलते राजधानी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, तथा आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ खड़े हुए हैं।
