हापुस आम की पहली खेप मुंबई पहुंचने को तैयार, रत्नागिरी से हुई रवाना

रत्नागिरी। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आम के प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। सिंधुदुर्ग के बाद अब रत्नागिरी जिले से भी हापुस आम की पहली पेटी मुंबई की वाशी कृषि उपज मंडी के लिए रवाना कर दी गई है। राजापुर तालुका के कुवेशी गांव के प्रगतिशील किसान तानाजी तांबे के बागान में तैयार हुए ये खास आम अब मुंबई के बाजारों में अपनी दस्तक देने जा रहे हैं। मुख्य सीजन शुरू होने से काफी पहले ही हापुस के बाजार में पहुँचने से आम प्रेमियों में भारी उत्सुकता और उत्साह देखा जा रहा है।

ऑफ-सीजन में पैदावार का अनोखा सफर

जानकारी के मुताबिक, तानाजी तांबे के बागान में कुछ पेड़ों पर नवंबर के शुरुआती महीने में ही हापुस के फल पूरी तरह तैयार हो गए हैं। इस सफलता के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और विशेष देखरेख है। दरअसल, इस साल जून के महीने में पेड़ों पर आए मोहोर (फूलों) को मौसम की मार और कीटों से सुरक्षित रखने के लिए तांबे ने विशेष प्रयास किए थे। उनकी इसी सुनियोजित मेहनत और तकनीक का परिणाम है कि तय समय से बहुत पहले ही बागान में हापुस आम पककर तैयार हो गए।

छह दर्जन की पहली पेटी और बाजार की कीमतें

रत्नागिरी से वाशी मार्केट भेजी गई हापुस आम की इस पहली पेटी के बाद अब किसानों, व्यापारियों और शौकीनों की निगाहें इसके दाम पर टिकी हुई हैं। छह दर्जन आमों वाली इस शुरुआती पेटी को मंडी में क्या भाव मिलता है, यह देखने वाली बात होगी। आमतौर पर हापुस का मुख्य सीजन गर्मियों में शुरू होता है, लेकिन सर्दियों की शुरुआत में ही इसकी आवक होने से कोंकण के कृषि बाजार में नया रोमांच पैदा हो गया है।

कोंकण के किसानों में जगी उम्मीदें

सिंधुदुर्ग के बाद रत्नागिरी से हापुस की खेप मुंबई रवाना होने से पूरे कोंकण क्षेत्र के आम उत्पादक किसानों का उत्साह काफी बढ़ गया है। किसानों को उम्मीद है कि यदि शुरुआती खेप को बाजार में बेहतरीन दाम मिलता है, तो आने वाले महीनों में उनके लिए मुनाफे के नए रास्ते खुलेंगे। सीजन से पहले हापुस की इस शुरुआती आमद ने मुंबई के बाजारों में इस फलों के राजा के दीवानों का इंतजार और अधिक बढ़ा दिया है।

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